{"_id":"621ca5118e9a903be16486c7","slug":"drone-training-program-in-private-universities-in-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: ड्रोन प्रशिक्षण बनेगा निजी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम का हिस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: ड्रोन प्रशिक्षण बनेगा निजी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम का हिस्सा
Tue, 01 Mar 2022 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 01 Mar 2022 05:00 AM IST
सार
विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि अब बदलते वक्त में ड्रोन का इस्तेमाल विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। कृषि और बागवानी क्षेत्र में कई राज्यों ने इस तकनीक को सफलतापूर्वक प्रयोग करना शुरू किया है। ड्रोन प्रशिक्षण करने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुल रहे हैं।
विज्ञापन
ड्रोन (सांकेतिक)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश और विदेश में बढ़ रहे ड्रोन इस्तेमाल को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में ड्रोन प्रशिक्षण को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का फैसला लिया गया है। प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में इंजीनियरिंग, कृषि और बागवानी कोर्स में नए शैक्षणिक सत्र से बदलाव करने की तैयारी है। राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने नई पहल करने का फैसला लिया है। प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों से एक माह के भीतर इस बाबत तैयारियों को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन
विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि अब बदलते वक्त में ड्रोन का इस्तेमाल विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। कृषि और बागवानी क्षेत्र में कई राज्यों ने इस तकनीक को सफलतापूर्वक प्रयोग करना शुरू किया है। ड्रोन प्रशिक्षण करने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुल रहे हैं। ऐसे में आयोग ने फैसला लिया है कि प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में ड्रोन प्रशिक्षण को विभिन्न पाठ्यक्रम के साथ जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि आयोग ने कई राज्यों के पाठ्यक्रम को इस बाबत स्टडी किया है। सभी निजी विश्वविद्यालयों को इसको लेकर प्र्रस्ताव तैयार करने को कहा है। एक माह के भीतर निजी विश्वविद्यालयों से इसकी जानकारी मांगी गई है। आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में ड्रोन प्रशिक्षण शुरू होने से युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। अन्य राज्यों में इसका प्रशिक्षण लेने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि ड्रोन प्रशिक्षण को लेकर फीस भी नियंत्रण में रखी जाएगी।
विज्ञापन