फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   DRDO initiative: Army soldiers will now get fresh vegetables and fruits in the areas adjacent to the China bor

डीआरडीओ की पहल: चीन सीमा से सटे क्षेत्रों में सेना के जवानों के लिए उगाए जाएंगे ताजा फल और सब्जियां

Sun, 09 Jul 2023 01:08 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 09 Jul 2023 01:08 PM IST
सार

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) इसके लिए सीमा पर बसे गांवों के लोगों को सब्जियां और फल उगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इन क्षेत्रों में सेब के फल उगाने से लेकर विभिन्न सब्जियों जैसे मूली, गोभी, फूलगोभी, ब्रोकोली, ककड़ी आदि को पैदा किया जा रहा है। 

विज्ञापन
DRDO initiative: Army soldiers will now get fresh vegetables and fruits in the areas adjacent to the China bor
सब्जी और फल(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चीन शासित तिब्बत से लगते हिमाचल प्रदेश के सीमाई इलाकों में अब सैनिकों को ताजा सब्जियां और फल मिलेंगे। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) इसके लिए सीमा पर बसे गांवों के लोगों को सब्जियां और फल उगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इन क्षेत्रों में सेब के फल उगाने से लेकर विभिन्न सब्जियों जैसे मूली, गोभी, फूलगोभी, ब्रोकोली, ककड़ी आदि को पैदा किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में यह विदेशी सीमा किन्नौर और लाहौल स्पीति जिलों से लगती है। बताया जा रहा है कि इस योजना से दो लाभ होंगे।
विज्ञापन


एक तो जवानों की सेहत ठीक रहेगी और उन्हें डिब्बाबंद खाने से गुजारा नहीं करना होगा। दूसरा गांववासियों को भी इससे स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार मिलेगा। इस तरह के प्रयोग लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में भी हो चुके हैं। लद्दाख की शुष्क भूमि में रहने वाले लोग साल भर ताजी सब्जियां उगाना शुरू कर चुके हैं। शुष्क क्षेत्रों के लिए तो कृषि विशेषज्ञों ने एक नया ग्रीनहाउस मॉडल विकसित किया है। विशेषज्ञों की एक टीम लद्दाख किसान जवान विज्ञान मेले में इससे संबंधित एक मॉडल प्रदर्शित कर चुकी है।
विज्ञापन


इससे सशस्त्र बलों के लिए डिब्बाबंद भोजन खाने की आवश्यकता को समाप्त किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के सीमाई क्षेत्रों में सब्जियां और फल उगाने के लिए राज्य के कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों के सेवारत और सेवानिवृत्त विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। सीमाई क्षेत्रों के ग्रामीण भी अब इसे मुनाफे का काम मानकर इसमें रुचि दिखाने लगे हैं। वे सीमाई क्षेत्र में अंदर तक जाकर अपनी जमीनों पर फसलें उगाने में दिलचस्पी लेने लगे हैं और इसके लिए डीआरडीओ की मदद से अपनी जमीनों पर कृषि व बागवानी फसल उत्पादन ढांचा भी मजबूत कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed