Himachal: डॉक्टरों की नई भर्ती के समय एनपीए बहाली के आश्वासन पर पेन डाउन स्ट्राइक स्थगित
हिमाचल प्रदेश चिकित्सक संघ संयुक्त संघर्ष समिति ने छह दिन से चल रही पेन डाउन स्ट्राइक शनिवार को स्थगित कर दी है। डॉक्टर नॉन प्रैक्टिस अलाउंस (एनपीए) को बंद करने के विरोध में हड़ताल कर रहे थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों की नई भर्ती के समय नॉन प्रैक्टिस अलाउंस (एनपीए) बहाल होने का आश्वासन मिलने के बाद संयुक्त संघर्ष समिति ने शनिवार को अस्पतालों में पेन डाउन स्ट्राइक स्थगित कर दी। शनिवार दोपहर एक बजे से तीन बजे तक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और समिति के प्रतिनिधिमंडल के बीच सचिवालय में हर मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि भविष्य में जो भी मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्तियां होंगी, उनके लिए एनपीए यथावत रखा जाएगा। सीएम ने कहा कि कॉलेजों के रूटीन के कार्यों को करने के लिए प्रधानाचार्यों को शक्तियां डेलीगेट की जाएंगी।
उन्होंने आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) के अधिकार चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रदान करनेे, मेडिकल कॉरपोरेशन में चिकित्सकों को प्रतिनिधित्व देने और चिकित्सकों की पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति कमेटी (डीपीसी) की बैठक समयबद्ध करने की चिकित्सकों की मांगें स्वीकार कीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अनुबंध आधार पर नियुक्त चिकित्सकों को एनपीए से वंचित नहीं किया जाएगा। समिति के महासचिव डॉ. विकास ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन से संबंधी अधिसूचनाएं जारी होने का इंतजार है।
मुख्यमंत्री ने पूछा, एनपीए मिलना चाहिए या नाैकरी भी
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती के वक्त उनसे डॉक्टर मिलेंगे तो उस वक्त बात करेंगे। उसी समय एनपीए की बहाली पर विचार होगा। एनपीए बंद नहीं किया है। इसे केवल विदड्रा किया है। सीएम ने इन डॉक्टरों को पूछा कि उनको एनपीए मिलना चाहिए या फिर नाैकरी भी। इस पर मेडिकल कॉलेज के एससीए प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें दोनों चाहिए।