पूर्व प्रधान की मूर्ति अनावरण पर विवाद, पंचायत सचिव निलंबित
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कालाअंब पंचायत के पूर्व प्रधान स्वर्गीय पुन्ना राम की मूर्ति के निर्माण और अनावरण को लेकर विवाद गहरा गया है। पंचायत घर के समीप मूर्ति लगाई जा रही थी, जिसका 15 अगस्त को अनावरण किया जाना था।
लेकिन आधीरात को पूरा प्रशासनिक अमला पुलिस अधिकारियों के साथ कालाअंब पहुंच गया। प्रशासन ने इलाके में धारा 145 लगा दी है। वहीं, पंचायत सचिव को निलंबित करने के आदेश भी दे दिए हैं।
इस मसले पर ग्रामीण भड़क गए हैं। दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने नाहन पहुंचकर मीडिया के समक्ष प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में कार्य करने का आरोप लगाया। पूर्व प्रधान स्वर्गीय पुन्ना राम के पुत्र सुभाष चौधरी ने कहा कि पंचायत कार्यालय के समीप उनके स्वर्गीय पिता की मूर्ति का अनावरण किया जाना था।
मूर्ति का निर्माण उनकी निजी जमीन में हुआ
शुक्रवार रात को अचानक उपायुक्त सिरमौैर, एसपी रोहित मालपानी, बीडीओ, तहसीलदार कालाअंब पहुंचे। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर मूर्ति निर्माण रोकने को भी कहा। मूर्ति का निर्माण उनकी निजी जमीन में हुआ है।
पंचायत प्रधान ने भी उन्हें एनओसी दी थी। 15 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम के लिए उन्होंने एक हजार से अधिक निमंत्रण पत्र भी वितरित किए थे। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि यदि मैं गलत कार्य कर रहा था तो मुझे क्यों नहीं रोका गया।
जहां मूर्ति लगाई जा रही है, वह उनकी अपनी जमीन है। मूर्ति का अनावरण 15 अगस्त को किया जाना था लेकिन ग्रामीणों के साथ उन्होंने शनिवार को ही इसका अनावरण कर दिया है।
दबाव में कार्य कर रहा प्रशासन: सोलंकी
निजी जमीन में मूर्ति स्थापित करने को लेकर आधी रात को पूरा प्रशासिक अमला आखिर वहां क्यों पहुंचा? पत्रकार वार्ता में मुन्ना राम, सुखदेव शर्मा, अनिल शर्मा, बलदेव, फकीर चंद, यशपाल, धनेंद्र ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने मीडिया को जारी बयान में आरोप लगाया है कि कुछ शरारती तत्वों के दबाव में विधायक और विस अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं।
उपायुक्त ललित जैन ने कहा कि कालाअंब पंचायत के भवन संबंधी भूमि विवाद को चलते आपसी झगड़े की आशंका को देखते हुए पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर सीआरपीसी की धारा 145 लगाई गई है, ताकि दोनों पक्षों में आपसी झगड़े के कारण कानून व्यवस्था न बिगड़े।