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विवि में अटल की प्रतिमा लगाने के फैसले पर सियासी घमासान
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एनएसयूआई ने कुलपति पर साधा निशाना, बोले-प्रतिमा स्थापित करने के बजाय फीस हो माफ
आकाओं को खुश करने में जुटे हैं कुलपति : ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर सियासी घमासान मचना शुरू हो गया है। एनएसयूआई ने प्रतिमा स्थापित करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने विवि प्रशासन पर आरोप लगाया कि जहां प्रतिमा स्थापित की जा वहां से जवाहर भवन की पट्टिका को हटा दिया है, इसे तुरंत उसी जगह लगाया जाए। इस भवन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के नाम पर रखा गया है, लेकिन आजकल भवन की पट्िटका गायब है।
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि देशभर में कोरोना महामारी से मुश्किलें बढ़ गई हैं, ऐसे में कुलपति आम गरीब छात्रों की फीस माफ करने का फैसले लेते तो अच्छा होता। कहा कि प्रतिमा पर लाखों रुपये खर्च हो रहा है। कोरोना संकट में एनएसयूआई लंबे समय से प्रदेशभर के स्कूल-कॉलेजों और विवि छात्रों के लिए फीस माफी की मांग कर रही है लेकिन उसे माफ करने के बजाय विवि प्रशासन प्रतिमा स्थापित करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि विवि कुलपति आपदा को अवसर में तबदील करने का कार्य कर रहे है। एक प्रतिमा पर दस लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कुलपति छात्रों की शिक्षा और शिक्षा में गुणात्मक में सुधार लाने के बजाय अपने आकाओं को खुश करने के लिए शिक्षा बजट को बर्बाद कर रहे हैं। संगठन महासचिव मनोज चौहान ने कहा कि विवि प्रशासन राजनीति से प्रेरित फैैसले लेने से परहेज कर शिक्षा में सुधार लाने के लिए कार्र्य करें। एचपीयू लाइब्रेरी भवन पर लगी जवाहर भवन की नाम पट्टिका को दोबारा स्थापित किया जाए।
पैसों की बर्बादी कर रहे हैं कुलपति : ठाकुर
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाने के फैसले का एसएफआई ने विरोध किया है। प्रदेश सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि विवि आर्थिक संकट से गुजर रहा है, कोरोना महामारी के कारण हालात बिगड़ रहे हैं, ऐसे समय में छात्रों को फीस में राहत न देकर परिसर में मूर्ति बनाने के कार्य करना जायज नहीं।
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प्रदेश के हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति खराब हुई है, ऐसे समय में विवि कुलपति परिसर में मूर्ति स्थापित कर अपने आकाओं को खुश करने में लगे हैं।
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आकाओं को खुश करने में जुटे हैं कुलपति : ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर सियासी घमासान मचना शुरू हो गया है। एनएसयूआई ने प्रतिमा स्थापित करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने विवि प्रशासन पर आरोप लगाया कि जहां प्रतिमा स्थापित की जा वहां से जवाहर भवन की पट्टिका को हटा दिया है, इसे तुरंत उसी जगह लगाया जाए। इस भवन का नाम पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के नाम पर रखा गया है, लेकिन आजकल भवन की पट्िटका गायब है।
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि देशभर में कोरोना महामारी से मुश्किलें बढ़ गई हैं, ऐसे में कुलपति आम गरीब छात्रों की फीस माफ करने का फैसले लेते तो अच्छा होता। कहा कि प्रतिमा पर लाखों रुपये खर्च हो रहा है। कोरोना संकट में एनएसयूआई लंबे समय से प्रदेशभर के स्कूल-कॉलेजों और विवि छात्रों के लिए फीस माफी की मांग कर रही है लेकिन उसे माफ करने के बजाय विवि प्रशासन प्रतिमा स्थापित करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि विवि कुलपति आपदा को अवसर में तबदील करने का कार्य कर रहे है। एक प्रतिमा पर दस लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कुलपति छात्रों की शिक्षा और शिक्षा में गुणात्मक में सुधार लाने के बजाय अपने आकाओं को खुश करने के लिए शिक्षा बजट को बर्बाद कर रहे हैं। संगठन महासचिव मनोज चौहान ने कहा कि विवि प्रशासन राजनीति से प्रेरित फैैसले लेने से परहेज कर शिक्षा में सुधार लाने के लिए कार्र्य करें। एचपीयू लाइब्रेरी भवन पर लगी जवाहर भवन की नाम पट्टिका को दोबारा स्थापित किया जाए।
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पैसों की बर्बादी कर रहे हैं कुलपति : ठाकुर
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाने के फैसले का एसएफआई ने विरोध किया है। प्रदेश सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि विवि आर्थिक संकट से गुजर रहा है, कोरोना महामारी के कारण हालात बिगड़ रहे हैं, ऐसे समय में छात्रों को फीस में राहत न देकर परिसर में मूर्ति बनाने के कार्य करना जायज नहीं।
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प्रदेश के हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति खराब हुई है, ऐसे समय में विवि कुलपति परिसर में मूर्ति स्थापित कर अपने आकाओं को खुश करने में लगे हैं।