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लद्दाख और हिमाचल के टैक्सी ऑपरेटर आमने-सामने, ये है बड़ी वजह

Fri, 12 Jul 2019 08:48 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मनाली (कुल्लू)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मनाली (कुल्लू) Published by: Krishan Singh Updated Fri, 12 Jul 2019 08:48 PM IST
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dispute between himachal and ladakh taxi operator
प्रतीकात्मक तस्वीर

मनाली-लेह-लद्दाख सड़क के बीच पड़ने वाले पर्यटन स्थल सरचू के पास सीमा विवाद के बाद अब लद्दाख और हिमाचल के टैक्सी ऑपरेटर आपने-सामने आ गए हैं। जून माह में लद्दाख में मनाली की छह गाड़ियां तोड़ने के बाद शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। लद्दाख और मनाली टैक्सी ऑपरेटरों के विवाद से चालक खासे परेशान हैं। मनाली के टैक्सी चालकों का आरोप है कि जब वह पर्यटक लेकर लेह जा रहे हैं तो उन्हें वहां रुकने नहीं दिया जा रहा। इतना ही नहीं, वापसी में उनको पर्यटकों को लाने नहीं दिया जा रहा है।

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लेह-लद्दाख टैक्सी यूनियन के निर्णय के बाद अब मनाली टैक्सी यूनियन की ओर से लेह-लद्दाख की टैक्सियों को मनाली से वापस नहीं जाने दिया जा रहा । दोनों टैक्सी यूनियनों के विवाद से चालक परेशान हैं। इसका खामियाजा सैलानियों को मनाली और लेह का भारी भरकम किराया देकर भुगतना पड़ रहा है। पहले दोनों ओर से सवारियां मिलने से दाम कम हो गए थे। लेकिन अब एक तरफ ही सवारी मिलने से दाम भी बढ़ गए हैं। हालांकि प्रशासन ने मनाली से लेह तक छोटे वाहनों का 16 से 18 व बड़े वाहनों का 24 से 25 हजार किराया निर्धारित किया है। लेकिन चालकों को वापसी में पर्यटक मिलने से किराया कम ही लिया जा रहा था। 
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बेवजह विवाद खड़ा कर रही लेह यूनियन: गुप्त राम
हिम आंचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन मनाली के अध्यक्ष गुप्त राम ने बताया कि उनकी ओर से विवाद की कोई पहल नहीं की गई है। लेकिन लेह टैक्सी चालक बिना मतलब विवाद खड़ा कर रहे है। उन्होंने कहा कि मनाली की गाड़ियां तोड़ने के बाद लेह टैक्सी यूनियन ने मनाली के चालकों के नुकसान की भरपाई भी की। इसके बावजूद वे विवाद को तूल दे रहे हैं। उन्होंने लेह यूनियन से आग्रह किया कि विवाद को तूल न देकर समस्या को सुलझाए अन्यथा मनाली यूनियन भी उनकी राह पर चलने को मजबूर होगी।

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