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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   discussion on India-Pakistan deteriorated relations on khushwant singh LitFest platform

लिटफेस्ट के मंच से छलका भारत-पाक के खराब हुए संबंधों का दर्द

Sat, 12 Oct 2019 10:16 AM IST
Krishan Singh राकेश शर्मा, अमर उजाला, सोलन
राकेश शर्मा, अमर उजाला, सोलन Published by: Krishan Singh Updated Sat, 12 Oct 2019 10:16 AM IST
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discussion on India-Pakistan deteriorated relations on khushwant singh LitFest platform
- फोटो : अमर उजाला

लेखक खुशवंत सिंह की यादों में लिपटे आठवें लिटफेस्ट में भारत-पाक के खराब हुए रिश्तों का दर्द छलका। इस बार भी लिटफेस्ट में भले ही पाकिस्तानी साहित्यकार नहीं पहुंचे, लेकिन उनकी कविताएं जरूर यहां सुनने को मिलीं।

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खुशवंत सिंह के बेटे राहुल सिंह ने उद्घाटन सत्र में ही पाक लेखक फकीर इजाजुद्दीन की कविता ‘अनडिवाइड लव’ पढ़कर सुनाई। उन्होंने कविता पढ़ने के बाद कहा कि इजाजुद्दीन खुशवंत सिंह को चाहने वालों में से एक हैं।
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पाकिस्तान में होने की वजह से वे तो यहां नहीं आ सकते हैं, लेकिन उनके शब्द जरूर यहां तक पहुंचे हैं। राहुल सिंह ने कहा कि चार साल पूर्व तक सब ठीक था। पाकिस्तान से खुशवंत सिंह के चाहने वाले अपने साहित्य लेकर लिटफेस्ट में पहुंचते थे। अब हालात वैसे नहीं रहे। लिटफेस्ट की शुरुआत वीरवार को कसौली क्लब में भजन-कीर्तन से हुई। 

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बाबरी मस्जिद बनते देखना चाहते थे खुशवंत : सादिया

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साहित्यकार सादिया देलवी ने भी विवाद से शुरुआत की। उन्होंने कहा कि खुशवंत सिंह के लिए देश सीमाओं में विभाजित नहीं था। उन्हें पाकिस्तान से भी लगाव था। वे मुस्लिम धर्म के काफी करीब थे।

उन्हें याद है जब वह अंतिम दिनों में उनसे मिलीं थी तो उन्होंने बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के तत्कालीन चेयरमैन सैयद शहाबुद्दीन से मुलाकात की इच्छा जताई थी। वह शहाबुद्दीन को एक चेक भेंट करना चाहते थे, ताकि मस्जिद का पुनर्निर्माण जल्द शुरू हो।

उन्होंने बताया कि जब उन्हें मामला न्यायालय में लंबित होने का हवाला दिया तो उन्होंने कहा कि इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता है। साजिया ने कहा कि उन्हें मालूम था कि इस बात पर विश्वास करना आसान नहीं होगा। इसलिए उनकी बातों का रिकॉर्ड आज भी संभाल कर रखा है।

खुशवंत सिंह संत या पापी पर हुई चर्चा 

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 खुशवंत सिंह संत या पापी विषय पर महिला साहित्यकारों ने विचार रखे। सादिया देलवी ने कहा कि वह खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी थे। तवलीन ने कहा कि खुशवंत सिंह ने स्वर्ण मंदिर पर भिंडरावाले का विरोध किया था। इसके बाद उन्हें धमकियां मिलीं और भारत सरकार को उन्हें सुरक्षा देनी पड़ी थी। 

लिटफेस्ट में आज गूंजेगा अनुच्छेद 370
लिटफेस्ट में शनिवार को दूसरे दिन पहले सत्र में फिल्मीस्तान में 60 साल विषय पर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर व शांतनु राय चौधरी भारतीय सिनेमा पर चर्चा करेंगे। अनुच्छेद 370 व अन्य बदलाव पर कश्मीर पास्ट इंपरफेक्ट फ्यूचर टेंस पर साहित्यकार राधा कुमार, तवलीन सिंह, तुहिन सिन्हा व जनरल अताहसनैन चर्चा करेंगे। 

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