Shimla News: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने परिवहन विभाग को दिया 850 करोड़ राजस्व जुटाने का लक्ष्य
विभाग को लंबित टैक्स वसूलने और निगरानी बढ़ाने की हिदायत दी। शिमला में सड़क सुरक्षा और परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में अग्निहोत्री ने अधिकारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से काम करने के निर्देश दिए।
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उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने परिवहन विभाग को मौजूदा वित्त वर्ष में 850 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया है। आय में 200 करोड़ के इजाफे के लिए बैठक में रोडमैप तैयार किया गया। विभाग को लंबित टैक्स वसूलने और निगरानी बढ़ाने की हिदायत दी। शिमला में सड़क सुरक्षा और परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में अग्निहोत्री ने अधिकारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से प्रवेश करने वाली अनधिकृत बसों पर शिकंजा कसने के लिए कानून लाया जा रहा है। बसों पर दैनिक 5 हजार, प्रति सप्ताह 25 हजार, महीने का 75 हजार और सालाना 9 लाख रुपये शुल्क वसूलने का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि बिना पंजीकरण प्रदेश में कोई भी गाड़ी न चले। सरकारी गाड़ियों को छोड़कर अन्य गाड़ियों पर नंबर प्लेट के अलावा लगी अन्य प्लेट हटाने के निर्देश दिए।
प्रति वर्ष बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को वेतन वृद्धि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वाहनों के फैंसी नंबर जारी करने के लिए संशोधित ई ऑक्शन प्रणाली 29 मई से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी। 327 फैंसी नंबर को ई ऑक्शन प्रणाली के लिए चिह्नित किया गया है, जिसकी दर 10 हजार से 1 लाख रुपये तक है। एमवीआई को चालान करने का अधिकार दिया जाएगा। स्टाफ की किल्लत को कम करने के लिए नई भर्ती होगी। सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके लिए स्कूलों को 15 हजार और कॉलेजों को 30 हजार रुपये दिए जाएंगे। परिवहन विभाग के बेड़े में 15 ई-इंटरसेप्टर जोड़े जाएंगे। परिवहन विभाग के बैरियरों को परिवहन निदेशक टारगेट देंगे जो उन्हें पूरे करने होंगे। बैठक में सचिव परिवहन विभाग आरडी नजीम, निदेशक परिवहन अनुपम कश्यप, संयुक्त आयुक्त परिवहन हेमिस नेगी, क्षेत्रीय प्रबंधक अधिकारी शिमला मंजीत शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सालाना 15 फीसदी बढ़ रही गाड़ियों की संख्या, सड़क हादसों से रोजाना 3 मौतें
अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदेश में 21 लाख 51 हजार वाहन पंजीकृत हैं। इसमें परिवहन क्षेत्र के 3 लाख और गैर परिवहन क्षेत्र के 18 लाख वाहन शामिल हैं। 15 लाख 12 हजार लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा चुके हैं। सालाना वाहनों की संख्या 15 फीसदी बढ़ रही है और रोजाना सड़क हादसों में 3 लोगों की मौत हो रही है। वाहनों की फिटनेस पूरी तरह आटोमेटिक होगी और 15 साल पुरानी गाड़ियां स्क्रैप पालिसी के तहत सड़क से बाहर होंगी।