ये मामला बना पुलिस मुख्यालय के लिए गले की फांस
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गृह विभाग की ओर से पुलिस एक्ट का हवाला देते हुए कांस्टेबलों के लिए खाकी रंग की टोपी पहनने का मामला अब पुलिस मुख्यालय के लिए गले की फांस बन रहा है। आरटीआई के तहत इस संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देकर पुलिस मुख्यालय खुद ही फंस गया है।
मुख्यालय ने एक तरफ कहा है कि उसने सभी जगह आदेश दिए हैं कि कांस्टेबलों से आठ घंटे का काम ही लिया जाए और वीकली आफ भी दिया जाए। हालांकि दूसरे हिस्से में खुद उन्होंने ही बता दिया कि आदेश कुछ जगह पूरी तरह लागू नहीं हो पा रहा। इसके पीछे उन्होंने फोर्स की कमी का हवाला दिया है।
कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी
हालांकि अब पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन इसी जानकारी के साथ कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है। एसोसिएशन ने गृह विभाग द्वारा जिस पुलिस एक्ट का हवाला दिया है अब उसी एक्ट का हवाला देते हुए आठ घंटे ड्यूटी और सप्ताह में एक अवकाश देने की मांग फिर से शुरू कर दी है।
संगठन का कहना है कि जब प्रदेश सरकार एक ओर पुलिस एक्ट के नाम पर पुलिस कर्मियों को अपनी मनमर्जी थोपने का काम कर रही है। ऐसे में अब सरकार उसी एक्ट के अनुसार बाकी वेलफेयर के मुद्दों को भी लागू करे। एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश चौहान ने कहा कि अगर मुख्यालय आदेशों का कड़ाई से पालन कराए और कर्मियों को वीकली आफ व आठ घंटे की ड्यूटी दे तो वह खाकी रंग की टोपी पहनने को तैयार हैं।