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ढाई लाख कर्मचारियों के वेतन पर बड़ा संकट

Wed, 15 Oct 2014 04:25 PM IST
Updated Wed, 15 Oct 2014 04:25 PM IST
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delay in salary due to failure of online salary system.

हिमाचल के लगभग ढाई लाख कर्मचारियों को इस बार देरी से वेतन मिल सकता है। निजी कंपनी का अनुबंध पूरा होने के बाद तहसीलों के उपकोषागारों के स्टाफ को वापस बुलाने से हिमाचल में ऑनलाइन सैलरी प्रणाली पर संकट खड़ा हो गया है।

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राज्य कोषागार विभाग में इस प्रणाली के ठप होने की नौबत आ गई है। अभी तक कुछ जगहों पर तो अपने स्तर पर यहां-वहां से मदद जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है, जबकि तहसीलों के अधिकतर उपकोषागारों में यह प्रणाली लगभग ठप हो चुकी है और मैनुअली काम शुरू हो गया है।
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इस कारण से हिमाचल के कई जिलों में उपकोषागार कार्यालयों में नेट कनेक्टिविटी हो नहीं पा रही है। यह कनेक्टिविटी सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से हिम स्वां प्रोजेक्ट के तहत दी गई थी।

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सैलरी के साथ पैंशनर्स को भी परेशानी

delay in salary due to failure of online salary system.

विभाग ने इसके लिए यह कार्य एक कंपनी को आउट सोर्स किया था। हाल ही में इस कंपनी के साथ अनुबंध समय समाप्त हो गया है। इससे उपकोष कार्यालय में ज्यादातर कार्य ऑनलाइन होता रहा है। इसका सबसे अधिक असर ऑनलाइन सैलरी बनाने पर नजर आ रहा है।

इस कारण से इस महीने कर्मचारियों की सैलरी के ऑनलाइन खातों में जाने पर संशय बना हुआ है। इससे वेतन खातों के महालेखाकार कार्यालय में पहुंचाने में भी दिक्कत आ रही है। कर्मचारी के ट्रांसफर होने की स्थिति में लास्ट पे सर्टिफिकेट (एलपीसी) भी इश्यू करने में देरी हो रही है।

पेंशनरों को भी ऑनलाइन कार्य के लिए उपकोष कार्यालय से जिला कोषागार में जाना पड़ रहा है।

इन इलाकों में काम ठप

delay in salary due to failure of online salary system.

जिला शिमला के ननखड़ी, सुन्नी, नेरवा, जुब्बल, रामपुर और चिड़गांव में ऑनलाइन प्रणाली लगभग ठप हो चुकी है। इसका कारण नेट कनेक्टिविटी का बंद होना है। शिमला के जिला कोषाधिकारी जगदीश शर्मा ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि यह मामला विभाग के ध्यान में लाया जा चुका है।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्‍त निदेशक राजीव शर्मा का कहना है कि छह साल से जो कं पनी ऑनलाइन सेवाएं दे रही थीं, उसका अनुबंध पूरा हो गया है। हो सकता है, इस वजह से अब इस कंपनी ने स्टाफ भी वापस बुला लिया हो। नए आर्किटेक्चर और कंपनी को अधिक बेहतर सॉफ्टवेयर से युक्त काम दे दिया गया है। थोड़े समय दिक्कत आ सकती है। आगे व्यवस्था ठीक-ठाक होगी।

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