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कृषि विवि पालमपुर को केंद्रीय कृषि विवि बनाने की कवायद तेज
Fri, 09 Oct 2020 01:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, पालमपुर (कांगड़ा)
अमर उजाला नेटवर्क, पालमपुर (कांगड़ा)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 09 Oct 2020 01:00 PM IST
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फाइल फोटो
कृषि विवि पालमपुर को केंद्रीय कृषि विवि बनाने को लेकर एग्रीकल्चर सांइटिस्ट फोरम ने कवायद तेज कर दी है। फोरम की ओर से गठित कमेटी ने भारतीय सरकार को अपनी सिफारिशें भी भेज दी हैं। उत्तर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के मध्य में पालमपुर का स्थित होना आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता और विश्वविद्यालय का अब तक का उत्कृष्ट प्रदर्शन पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय को केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के रूप में स्तरोन्नत करने के प्रमुख बिंदु हैं।
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समिति ने 14 सूत्रीय बिंदुओं को लेकर अपनी संस्तुति दी है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने हर एग्रो क्लाइमेटिक रीजन के आधार पर एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया है। उत्तर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, जिसके तहत हिमाचल, उत्तराखंड तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश आते हैं, जिसमें एक केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना प्रस्तावित है।
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इसे देख एग्रीकल्चर साइंटिस्ट फोरम ने एक कमेटी का गठन पूर्व शोध निदेशक प्रो. एसके शर्मा के नेतृत्व में किया है। समिति में डॉ. एके पांडा, डॉ. एनके संख्यान, डॉ. संजय शर्मा व डॉ. प्रवीण शर्मा को शामिल किया गया है। एग्रीकल्चर साइंटिस्ट फोरम के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि एग्रीकल्चर साइंटिस्ट फोरम ने केंद्रीय कृषि विवि की स्थापना के लिए समिति की सिफारिशों को भी अपनाने का निर्णय लिया है।
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