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Cryptocurrency Fraud Case: आरोपियों की 500 करोड़ की संपत्ति सीज करने की तैयारी
Tue, 24 Oct 2023 10:44 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 24 Oct 2023 10:44 AM IST
सार
हिमाचल में आरोपी कब से लोगों को फंसाने का जाल बुन रहे थे? कितने लोगों को अब तक ठगा है और इन आरोपियों की कहां-कहां संपत्ति है?
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क्रिप्टो करेंसी ठगी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में एसआईटी आरोपियों की 500 करोड़ की संपत्ति को सीज करने की तैयारी में है। हाल ही में एसआईटी ने आरोपियों की एक करोड़ की संपत्ति को सीज कर दिया है। एसआईटी आरोपियों की आय से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज तैयार कर रही है। हिमाचल के अलावा इन आरोपियों की राज्यों में कहां-कहां संपत्तियां हैं। हिमाचल पुलिस इसका रिकाॅर्ड भी खंगाल रही है।
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यह घोटाला एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है।मुख्य आरोपी सुभाष और जिला ऊना का अभिषेक पुलिस की पकड़ से बाहर है। आरोपी अभिषेक को पकड़ने के लिए पुलिस दो बार ऊना में दबिश दे चुकी है। लेकिन आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा है। हिमाचल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर जांच को आगे बढ़ रही है। वहीं पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी व्हाट्सएप नंबर पर भी ठगी की शिकायतें मिल रही हैं।
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कई आरोपियों का था मल्टी लेवल मार्केटिंग का अनुभव
क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में सीबीआई हिमाचल पुलिस से जानकारियां साझा कर रही है। हिमाचल में आरोपी कब से लोगों को फंसाने का जाल बुन रहे थे? कितने लोगों को अब तक ठगा है और इन आरोपियों की कहां-कहां संपत्ति है? इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए सीबीआई और हिमाचल पुलिस की एसआईटी में एक-दूसरे से जानकारियां साझा कर रही हैं। हिमाचल में छापे के बाद सीबीआई के अधिकारी हिमाचल से अहम सबूत साथ लेकर गए हैं।
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वहीं, हिमाचल में क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। जांच में सामने आया है कि यह ठगी मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) से जुड़ा है। घोटाले में संलिप्त कुछ आरोपियों को विभिन्न कंपनियों के एमएलएम से जुड़े बिजनेस में काम करने का अनुभव था। ऐसे में उन्हें मालूम था किस तरह से लोगों को लालच देकर चेन को आगे बढ़ाना है। यही कारण रहा कि चंद सालों में करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने में आरोपी सफल रहे। आरोपी इतने शातिर हैं कि उन्होंने निवेशकों का दबाव बढ़ते देख नई-नई कंपनियां बनाईं तथा डिजिटल सहित अन्य रिकाॅर्ड भी नष्ट करते रहे।