छात्रवृत्ति घोटाले की जांच को फिर ऊना पहुंची सीबीआई, खंगाले दस्तावेज
बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई टीम ने सोमवार को एक बार फिर ऊना में दबिश दी।
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बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई टीम ने सोमवार को एक बार फिर ऊना में दबिश दी। तीन कमरों में चल रहे एक शिक्षण संस्थान का कुछ अतिरिक्त रिकॉर्ड कब्जे में लेने के बाद डीएसपी बलबीर शर्मा की अगुवाई में इंस्पेक्टर वीरेंद्र कश्यप व पंकज अरोड़ा की टीम जांच करने पहुंची। जिला मुख्यालय स्थित विश्रामगृह में घोटाले से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। बताया जा रहा है कि टीम ने करीब आधा दर्जन नए छात्रों से पूछताछ की और उनका रिकार्ड जब्त किया। मामले में कई छात्रों व नाइलेट्स संस्थान से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई टीम अब तक तीन दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। संस्थान में इंजीनियरिंग की डिग्री भी करवाई जा रही थी। कुछ ऐसे छात्र हैं जिन्हें मालूम ही नहीं कि वे इंजीनियर तक बन चुके हैं। यह सब खेल सरकार की ओर से विशेष जाति वर्ग को मिलने वाली केंद्र की छात्रवृत्ति को हड़प करने के लिए हो रहा था। सीबीआई ने जिन छात्रों से पूछताछ की है, उन्होंने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिससे जिला मुख्यालय समेत कई जिलों में इस शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैसे तीन कमरों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ कई कोर्स चल रहे थे। बीए के अलावा बीकॉम और कंप्यूटर एजूकेशन से जुड़े कई कोर्स भी साथ कराए गए हैं। वर्ष 2013 के बाद ही यह पूरा गोलमाल हुआ है। यह भी खुलासा हुआ है कि कई छात्रों के साथ इस डिग्री और डिप्लोमा कोर्स के लिए लेन-देन भी किया गया है। जिन छात्रों को केंद्र से छात्रवृत्ति नहीं मिलती थी, उनके साथ बिना संस्थान में आए डिप्लोमा और डिग्री कोर्स का सर्टिफिकेट देने के लिए सौदा तय होता था। इसका पूरा ताना बाना एजेंट बुनते थे।