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चोरी के दोष में 3 को छह माह कैद
Updated Thu, 01 Mar 2018 10:08 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चोरी का आरोप सिद्ध होने पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला की अदालत ने सुन्नी निवासी विकास मोदी, कमलेश कुमार और मोहन लाल को 6 माह के कठोर कारावास और 5000 रुपये बतौर जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी वत्सला चौधरी ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह निर्णय सुनाया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक दिसंबर 2008 की रात को पुलिस सुन्नी ने नाका लगाया था। इस दौरान पिकअप को तलाशी के लिए रोका गया। टीम ने तलाशी के दौरान 20 लोहे के चैनलों को बिना किसी बिल के गाड़ी में तिरपाल के नीचे रखे हुए पाया। जानकारी मांगी गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
जांच के दौरान यह पाया गया कि यह चैनल चुराए गए हैं। अभियुक्तों के अलावा एक नाबालिग भी उनके साथ सहअभियुक्त था जिसका मामला जूवेनाइल बोर्ड के समक्ष चल रहा है। अदालत के समक्ष चालान पेश होने के बाद अभियोजन पक्ष ने अभियुक्तों के खिलाफ अभियोग साबित करने के लिए गवाह साक्ष्य और मामले से जुड़ा तमाम रिकॉर्ड पेश किया।
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शिमला। चोरी का आरोप सिद्ध होने पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला की अदालत ने सुन्नी निवासी विकास मोदी, कमलेश कुमार और मोहन लाल को 6 माह के कठोर कारावास और 5000 रुपये बतौर जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी वत्सला चौधरी ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह निर्णय सुनाया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक दिसंबर 2008 की रात को पुलिस सुन्नी ने नाका लगाया था। इस दौरान पिकअप को तलाशी के लिए रोका गया। टीम ने तलाशी के दौरान 20 लोहे के चैनलों को बिना किसी बिल के गाड़ी में तिरपाल के नीचे रखे हुए पाया। जानकारी मांगी गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
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जांच के दौरान यह पाया गया कि यह चैनल चुराए गए हैं। अभियुक्तों के अलावा एक नाबालिग भी उनके साथ सहअभियुक्त था जिसका मामला जूवेनाइल बोर्ड के समक्ष चल रहा है। अदालत के समक्ष चालान पेश होने के बाद अभियोजन पक्ष ने अभियुक्तों के खिलाफ अभियोग साबित करने के लिए गवाह साक्ष्य और मामले से जुड़ा तमाम रिकॉर्ड पेश किया।
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