क्रिकेट विश्व कप: टेंबा बावुमा बोले- धर्मशाला में आउटफील्ड के हिसाब से बदलनी होगी डाइविंग की तकनीक
साउथ अफ्रीका टीम के कप्तान टेंबा बावुमा ने कहा कि उनकी टीम विश्व के सबसे खूबसूरत मैदान में खेलने के लिए तैयार है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि मंगलवार को बारिश न हो।
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला की आउटफील्ड के हिसाब से खिलाड़ियों को डाइविंग की तकनीक बदलनी होगी। हमने लगातार दो मैच जीते हैं और टीम अच्छा खेल रही है, इसलिए मंगलवार को होने वाले मैच में भी टीम में कोई बदलाव नहीं होगा। यह बात धर्मशाला में एक पत्रकारवार्ता के दौरान साउथ अफ्रीका टीम के कप्तान टेंबा बावुमा ने कही। उन्होंने कहा कि उनकी टीम विश्व के सबसे खूबसूरत मैदान में खेलने के लिए तैयार है।
हम उम्मीद कर रहे हैं कि मंगलवार को बारिश न हो। उन्होंने कहा कि हम अपने प्लान में कोई भी परिवर्तन नहीं कर रहे हैं, जिस तरह से हम खेल रहे हैं, उसे हम लगातार जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि धर्मशाला स्टेडियम की आउटफील्ड हल्की पेच वाली है, ऐसे में हमें अपनी डाइविंग तकनीक में बदलाव करना होगा। उन्होंने कहा कि हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते। नीदरलैंड की टीम भी क्वालीफाई मैच जीतकर वर्ल्ड टूर्नामेंट के लिए पहुंची है। ऐसे में किसी भी टीम को हलके में नहीं लिया जा सकता।
बारिश के अलर्ट के बीच होगा साउथ अफ्रीका-नीदरलैंड मैच
हिमाचल में बारिश के अलर्ट के बीच मंगलवार को एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला में साउथ अफ्रीका-नीदरलैंड के बीच विश्वकप का तीसरा मैच खेला जाएगा। दोपहर डेढ़ बजे टॉस होगा और दो बजे से मैच शुरू होगा। दर्शक 12 बजे से स्टेडियम में एंट्री पा सकेंगे। लेकिन खराब मौसम के पूर्वानुमान से मैच पर संकट नजर आ रहा है। मौसम विभाग की ओर से धर्मशाला में 70 प्रतिशत बारिश का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, खराब मौसम मैच में कोई बाधा न डाले, इसके लिए एचपीसीए की ओर से पहले देवता इंद्रुनाग मंदिर में पूजा करवाई गई है। खराब मौसम की चेतावनी के बीच धर्मशाला में मैच होगा या नहीं, यह मंगलवार को ही पता चल सकेगा। इससे पहले साउथ अफ्रीका के बारिश के कारण धर्मशाला में दो मैच रद्द हो चुके हैं। मैच एक एक दिन पहले सोमवार को धर्मशाला में जमकर बारिश हुई। सुबह करीब नौ बजे से दोपहर तक बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ अंधड़ भी चला। तूफान से स्टेडियम में लगे बैनर और होर्डिंग भी तहस-नहस हो गए। स्टेडियम के साथ लगती धौलाधार की पहाड़ियों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली।