कर्ण सिंह को मंत्री बनाने के बाद क्या बोले धर्माणी?
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बंजार के कांग्रेस विधायक कर्ण सिंह को मंत्री बनाने के बाद दो दिन शांत रहने के बाद घुमारवीं से कांग्रेस विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव वन राजेश धर्माणी ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि वह अपने लिए नहीं बल्कि अपने क्षेत्र के लिए ही मंत्री पद की मांग कर रहे थे।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिक्रिया के बाद धर्माणी ने कमेंट किया कि राजनीति में व्यक्तिगत कुछ नहीं होता। वह वर्तमान में सार्वजनिक जीवन में हैं। उन्होंने कहा कि जो तर्क कुल्लू जिले को मंत्री पद देने के पीछे दिया जा रहा है, वही बिलासपुर का भी था।
मुख्यमंत्री ने धर्माणी को लेकर कही थी ये बात
कांग्रेस के युवा नेता एवं दो बार विधायक बन चुके राजेश धर्माणी ने कहा कि मंत्री बनाना या नहीं बनाना पार्टी सोचे। यह कांग्रेस पार्टी का ही काम है। उनके बारे में यह कहना कि वह अपने ही मामले की पैरवी कर रहे थे, यह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। कुल्लू जिले में भी चार सीटें हैं और बिलासपुर में भी।
राजेश धर्माणी खुद के लिए मंत्री पद चाह रहे थे। इसके लिए उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी तक झंडी वाले नक्शे को भी पहुंचाया। उन्होंने तर्क दिया था कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र का इस बीच के क्षेत्र को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। कर्ण सिंह को मंत्री बनाए जाने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने राजेश धर्माणी के बारे में सवाल पूछे जाने पर कहा था कि शायद वह अपना ही मामला प्लीड कर रहे हैं। इसी पर राजेश धर्माणी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।