वामपंथियों ने पुलिस को चकमा देकर सीएम का पुतला फूंका
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सीपीआईएम ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर पुलिस को चकमा देकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का पुतला जला दिया। सीएम के पुतले जलाने की भनक पुलिस को पहले से थी। बावजूद सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं ने गुपचुप तरीके से पुतले को कार्यकर्ताओं के पास पहुंचाकर अंजाम दिया। इसके बाद सचिव विजेंद्र मेहरा की अगुवाई सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर
नारेबाजी की। सोमवार शाम चार बजे के करीब डीसी ऑफिस के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ता इकट्ठे हो गए थे। पुलिस भी चप्पे-चप्पे पर मौजूद थी और कार्यकर्ताओं पर आंखें जमाए बैठी थीं। इस बीच दो कार्यकर्र्ता पुतले को हाथ में लेकर मौके पर पहुंचने लगे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी, डिप्टी मेयर ने शांत करवाया मामला
हालांकि ऐसा लग रहा था कि अब मामला शांत हो गया है, लेकिन कुछ देर बाद मॉल रोड की ओर से कुछ कार्यकर्ताओं ने पुतले को नीचे की ओर फेंक डाला। सचिव विजेंद्र मेहरा ने हाथों पर पुतले को लेकर जला दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में धक्कामुक्की भी हुई। इधर, नारेबाजी के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस गिरफ्त में ले रही थी लेकिन डिप्टी मेयर ने
पहुंचकर मामला को शांत करवा दिया। इस दौरान काफी भीड़ यहां उमड़ चुकी थी। इस दौरान पार्टी राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, डॉ. कुलदीप तंवर, बलबीर पराशर, चंद्रकांत वर्मा, किशोरी ढडवालिया, विनोद विरसांटा, ऊमा देवी, सोनिया, आशु भारती, सत्यवान पुंडीर, डॉ. राजेंद्र चौहान, जगमोहन ठाकुर, बबलू, प्रवीण, पूमेश और कपिल शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राज्य सचिव ने लगाया तानाशाही का आरोप
उधर राज्य सचिव ओंकार शाद ने मुख्यमंत्री पर तानाशाह होने का आरोप लगाया है, उन्होंने बताया कि संविधान और श्रम कानूनों का गला घोंटनें पर अपने पद से तुरंत इस्तीफा करने की मांग की। वही सचिव विजेंद्र मेहरा ने बताया कि सरकार मजदूरों समर्थन में उनके
आंदोलन को पुलिस के दमन से कुचलना चाहती है। उन्होेंने बताया कि वह इन छुटपुट हमलों से डरने वाली नही है, आने वाले समय में वह शहर भर में चक्का जाम और सड़कों पर धरने प्रदर्शन करने से भी गुरेज नही करेंगी।