हिमाचल की सीमाओं पर पहले दिन सख्त नहीं दिखी पुलिस, हजारों लोगों को मिली एंट्री
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हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ाेतरी के चलते मंगलवार रात से नई बंदिशें लागू होने के बाद बुधवार को जांच के बाद ही बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को प्रदेश की सीमाओं में प्रवेश दिया गया। हालांकि, पहले दिन पुलिस सख्त नहीं दिखी और किसी भी वाहन को वापस नहीं भेजा। पहले दिन हजारों लोग प्रदेश में दाखिल हुए। सोलन जिले के बद्दी बैरियर पर बुधवार को पिछले 24 घंटों में रोजाना की तरह वाहनों की आवाजाही रही। पहले दिन करीब 30 हजार वाहन बॉर्डर से होकर गुजरे। हालांकि, पुलिस ने किसी भी वाहन को वापस नहीं भेजा, लेकिन वाहन चालकों को जागरूक जरूर किया गया। बद्दी बैरियर समय सुबह 8:40 पर थाना प्रभारी विजय कुमार निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन चालकों को कोविड सुरक्षा को लेकर जारी निर्देशों की जानकारी दी। बिना पास आए वाहन चालकों को चेतावनी देकर छोड़ा गया। नालागढ़-बद्दी-पिंजौर मार्ग पर रोजाना करीब तीस हजार वाहन आवाजाही करते हैं।
बद्दी, बरोटीवाला, नवां ग्राम, भरतगढ़ और ढेरोंवाल में पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान पहले दिन किसी भी वाहन चालक को वापस नहीं भेजा। वाहनों के नंबर नोट किए गए।
उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि इन पाबंदियों से उद्योगों के लिए परेशानी होगी। बीबीएन में 20 से 25 हजार कामगार प्रतिदिन हरियाणा और पंजाब से प्रवेश करते हैं। डीएसपी नवदीप सिंह ने कहा कि पुलिस ने सभी बैरियरों पर तीन बैरिकेड्स लगाए। इसमें एक ओर चेकिंग और दूसरी ओर वाहनों की आवाजाही चलती रही। पहले दिन लोगों को जागरूक किया गया। लोगों को कोविड रिपोर्ट भी चेक की गई।
कोविड शर्तें पूरी करने के बाद मिली प्रवेश की अनुमति
प्रदेश द्वार परवाणू पर बिना पंजीकरण के प्रवेश पर रोक लगने के बाद पुलिस ने पंजीकरण कार्य कर शुरू कर दिया है। कोविड सुरक्षा को लेकर प्रदेश में प्रवेश के लिए लगाई शर्तों के बाद कालका-शिमला एनएच पर वाहनों की संख्या पहले से 50 प्रतिशत कम हो गई है। आम दिनों में कालका-शिमला एनएच पर करीब दो हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती थी। बुधवार को सिर्फ 1050 वाहनों का ही पंजीकरण हुआ है। जानकारी के अनुसार कोविड के बीच बाहरी राज्यों से प्रदेश में आवाजाही के लिए कोविड ई-पास सॉफ्टवेयर में पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया है। एनएच समेत परवाणू सीमा पर पुलिस गश्त को बढ़ा दिया है। 40 पुलिस जवानों और अधिकारियों की टीम सीमा पर पहुंचने वाले लोगों की कोविड रिपोर्ट समेत ई-पास सॉफ्टवेयर पर पंजीकरण करवा रही है।
सीमा पर एक अलग से कक्ष भी बनाया गया है जहां रूटीन चेकिंग के लिए अलग मार्ग तैयार किया गया। सामान्य लोगों के लिए अलग से उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही हैं। हालांकि बुधवार को किसी भी वाहनों को वापिस नहीं भेजा है। इनके मौके पर ही ई-पास बनवाने के बाद उनको अनुमति दी गई है। सार्वजनिक परिवहन, बसों एवं निजी वाहनों में अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले व्यक्तियों की जांच कर कोविड ई-पास सॉफ्टवेयर पर पंजीकृत किए गए। उधर, एसपी सोलन अभिषेक यादव ने बताया कि कोविड सुरक्षा के बीच प्रशासन के निर्देशानुसार पुलिस टीम मुस्तैद है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों का ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ही प्रवेश हो रहा है। हालांकि बुधवार को एनएच पर वाहनों की आवाजाही में 50 फीसदी कमी नजर आई। परवाणू सीमा पर लोगों के मौके पर भी कोविड एसओपी के साथ ई-पास बनाए जा रहे हैं।
कांगड़ा के नाकों से 300 लोगों को मिली एंट्री
जिला कांगड़ा में अंतरराज्यीय सीमा पर पुलिस ने कंडवाल, मोहटली, रयाली, संसारपुर टैरेस सहित 10 जगह नाके लगाए हैं। इन नाकों पर बुुधवार को बिना कोविड ई पास बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को एंट्री दे दी गई। बिना कोविड ई पास वाले लोगों को 14 दिन होम क्वारंटीन रहने के लिए कहा गया। बुधवार को एक भी व्यक्ति को नाके से वापस नहीं भेजा गया। शाम तक कंडवाल नाके पर बिना कोविड ई पास वाले करीब 300 लोगों का पंजीकरण किया गया। कांगड़ा जिले में 10 नाकों पर बाहरी राज्यों से कोविड ई पास से कितने लोगों ने प्रवेश किया, इसका आंकड़ा शाम को 6 बजे तक प्रशासन के पास एकत्रित नहीं हुआ था।
हिमाचल के प्रवेशद्वार कंडवाल में रोजाना के मुकाबले बुधवार को पंजाब और अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई। लोगों ने इसका प्रमुख कारण प्रदेश सरकार की ओर से पर्यटकों को लेकर जारी एडवाइजरी को बताया। एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि पंजाब की तरफ से प्रदेश में प्रवेश करने वालों के ई पास चेक किए जा रहे हैं। पंजीकरण भी किया जा रहा है। इस कार्य में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। कोविड नियमों का पालन किया जा रहा है। संवाद
गरामोड़ा बैरियर : 18 घंटे में 585 लोगों ने किया प्रवेश
हिमाचल प्रदेश की प्रवेश सीमा गरामौड़ा नाके से मंगलवार की मध्यरात्रि शुरू किए गए कोविड बैरियर से बाहरी राज्यों से आने वाले 585 लोगों ने ई रजिस्ट्रेशन के माध्यम से प्रवेश किया। नयनादेवी प्रशासन ने मंगलवार रात 12 बजे से पंजाब से सटे हिमाचल के 8 स्थानों पर बैरियर लगाए हैं। पुलिस हर वाहन और बसों में बैठे लोगों को ई रजिस्ट्रेशन को कोविड बैरियर पर वेरिफिकेशन करने के बाद ही प्रवेश करने दे रही है।
सरकार के दिशा-निर्देश पर जिला प्रशासन बिलासपुर ने कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले लोगों के लिए ई रजिस्ट्रेशन व हॉटस्पॉट राज्यों से आने वालों को आरटीपीसीआर रिपोर्ट की नई शर्तें लगाई हैं। बिलासपुर जिले के एंट्री प्वाइंट गरामौड़ा स्थान में नयनादेवी प्रशासन ने नाका लगाया है। उपमंडल नयनादेवी के एसडीएम सुभाष गौतम ने कहा कि ई रजिस्ट्रेशन के बाद ही बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को हिमाचल सीमा में प्रवेश दिया जा रहा है। बुधवार को पुलिस के जवान भी ड्यूटी के समय बॉर्डर से प्रदेश में प्रवेश करने वाले लोगों को कोविड नियमों की स्पीकर पर जानकारी देते रहे। प्रदेश सरकार के नियम और उनकी अनुपालना के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते नजर आए।
सिरमौर में बिना पंजीकरण आने वालों के मौके पर करवाएं पंजीकरण
सिरमौर में मंगलवार रात से रात्रि कर्फ्यू लग गया है। एसपी सिरमौर केसी शर्मा ने स्वयं विभिन्न नाकों का दौरा कर पुलिस कर्मचारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। राज्य में आने वाले और राज्य से बाहर जाने वालों को का पंजीकरण शुरू हो गया है। बुधवार शाम तक जिले की विभिन्न सीमाओं से सौ से अधिक लोग आरपार हुए।
हालांकि, उद्योगों में कार्य करने वाले कामगारों, कर्मचारियों और मजदूरों को उद्योग प्रबंधन की ओर से जारी किए गए आई कार्ड और आधार कार्ड के आधार पर आने-जाने दिया गया।सिरमौर पुलिस ने यमुना पुल, बहराल बैरियर, कोदरी माजरी, मीनस पुल, हरिपुर खौल, कालाअंब, सुकैती, माजरी, धमेशा, महलप्रीत नगर में नाका बंदी कर दी है।