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कोरोना: मेडिकल प्रमाण पत्र को अस्पताल जाने से कतरा रहे शिक्षक
Mon, 17 Aug 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
मणिकुमार सरोआ, अमर उजाला, ऊना
मणिकुमार सरोआ, अमर उजाला, ऊना
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 17 Aug 2020 05:00 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
पैट, पैरा ईजीएस टू जीवीएस शिक्षक मेडिकल करवाने को लेकर परेशान हैं। शिक्षकों को डर है कि मेडिकल के लिए आने वाली भीड़ से वे कोरोना संक्रमण का शिकार न हो जाएं। इसके चलते नियुक्तियों के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र शिक्षकों के लिए गले की फांस बन गए हैं। इन दिनों कोरोना के चलते शिक्षक अस्पतालों में जाने से कतरा रहे हैं। किसी भी प्रकार के मेडिकल प्रमाण पत्र सीएमओ कार्यालय में ही बनाए जाते हैं। इस काम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षेत्रीय अस्पताल के सीएमओ कार्यालय में विशेष डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाती हैं।
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कई औपचारिकताएं पूरी करने के बाद प्रमाण पत्र तैयार किए जाते हैं। प्रदेश में 3294 पैट, 6000 पीटीए, 77 पैरा शिक्षक और 34 पैरा ईजीएस टू जीवीएस शिक्षकों की नियुक्ति होने जा रही है। जिला ऊना में 265 पैट, 100 पीटीए और 7 पैरा ईजीएस टू जीवीएस शिक्षक शामिल हैं।प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष विनोद शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग से अध्यापकों का मेडिकल ब्लॉक स्तर पर करवाने की अपील की। जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमन कुमार शर्मा ने कहा कि नौकरियों की नियुक्ति के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र क्षेत्रीय अस्पताल के सीएमओ कार्यालय में ही बनेंगे। अगर निदेशालय से निर्देश आते हैं तो शिक्षकों की सुविधानुसार ब्लॉक स्तर पर मेडिकल करवाएं जा सकते हैं।
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