कोरोना: चीन में कोविड की तीसरी लहर का कच्चे माल की आूपर्ति पर असर
भारत उद्योग संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित सिंगला ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान देश में दवाओं के निर्माण में देश की दवा इंडस्ट्री ने दिन-रात कार्य किया। देश भर के 11 हजार दवा उद्योग स्थापित हैं जिनमें से तीन हजार उद्योग गत वर्षों में ही सरकार की अनदेखा के चलते बंद हो गए हैं।
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चीन में शुरू हुई कोविड की तीसरी लहर का प्रभाव भारतीय मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर पर पड़ने लगा है। महामारी के चलते चीन के एक दर्जन शहरों में लॉकडाउन लग चुका है। इनमें चीन का टेक्निकल और ऑटोमोबाइल हब माना जाने वाला शहर भी शामिल है। इस समय चीन में रोजाना कोविड के 3300 केस रोजाना आने लगे हैं। लॉकडाउन में कई पोर्ट एरिया भी शामिल हैं। भारत उद्योग संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित सिंगला ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान देश में दवाओं के निर्माण में देश की दवा इंडस्ट्री ने दिन-रात कार्य किया। देश भर के 11 हजार दवा उद्योग स्थापित हैं जिनमें से तीन हजार उद्योग गत वर्षों में ही सरकार की अनदेखा के चलते बंद हो गए हैं। चीन में कोरोना के चलते पहले जैसी स्थिति पैदा हो चुकी है। भारत सरकार इस खतरे को भांपते हुए देश के उद्योग वर्ग को कोरोना की तीसरी लहर के संभावित खतरे से बचाने का प्रयास करे।
पहले भी फार्मा उद्योग में प्रयुक्त होने वाले केमिकल्स की सप्लाई काफी समय तक प्रभावित हुई थी, तब भी देश में फार्मा के कच्चे माल के दाम बढ़ गए थे। सिंगला ने कहा कि जिन फार्मा उद्योगपतियों ने कोरोना काल के दौरान पुराने रेट पर ऑर्डर बुक किए हैं, उनको सरकारी आर्डर व निजी कंपनियों के आर्डर बढे हुए कच्चे माल के रेट पर सप्लाई करने में भरी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में केंद्रीय सरकार को देश के उद्योग को बचाने शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने देश भर के फार्मा उद्योगपतियों को भी अपील की कि वह इस मुश्किल घड़ी में एकजुट होकर केंद्रीय सरकार को संयुक्त रूप में ज्ञापन देकर दबाव बनाएं ताकि देश में चीन लॉक डाउन से कच्चे माल की सप्लाई का कोई विकल्प मिल सके। सरकार फार्मा उद्योग को राहत देने के लिए उद्योग पर लगने वाली जीएसटी दर को 12 प्रतिशत करे। कच्चा माल खरीदने और बेचने के दौरान आने वाले फर्क को समाप्त किया जा सके।