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शहर में आज से पचास फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ चलेंगी बसें
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एचआरटीसी प्रबंधन और निजी बस ऑपरेटरों को सरकार के निर्देश नियमों का करें पालन
ऑफिस ऑवर्स में झेलनी पड़ सकती है दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के लोकल और लंबी दूरी के रूटों पर आज से बसें 50 फीसदी क्षमता के साथ चलेंगी। प्रदेश सरकार के आदेशों पर एचआरटीसी प्रबंधन और निजी बस ऑपरेटरों ने शुक्रवार से 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी पर बसें चलाने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के कारण सुबह और शाम के समय ऑफिस ऑवर्स में शहर के लोगों को बसों की किल्लत के कारण परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
राजधानी शिमला के लोकल रूटों पर एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटरों की करीब साढ़े तीन सौ बसें चलती हैं। कोरोना के मामले बढ़ने के बाद सरकार ने भले ही स्कूल बंद कर दिए हैं लेकिन शिक्षक और गैर शिक्षकों को अभी भी ड्यूटी पर जाना पड़ेगा। अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी 50 फीसदी क्षमता के साथ बसें चलने से परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक जितेंद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार चालक परिचालकों को शुक्रवार से बसें 50 फीसदी क्षमता के साथ चलाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। बसों की आधी सीटों पर यात्री न बैठें इसके लिए क्रॉस स्टीकर लगाने की भी व्यवस्था की जाएगी। निजी बस आपरेटर यूनियन के महासचिव सुनील चौहान का कहना है कि बसें 50 फीसदी क्षमता के साथ ही चलाई जाएगी। स्कूल बंद होने के बाद बसों में सवारियां पहले ही कम चल रही हैं। सुबह 9 से 10 और शाम 5 से 6 बजे के बीच ही बसों को अधिक सवारियां मिलती हैं।
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खड़ी भी हो सकती हैं कुछ निजी बसें
प्राइवेट बस ऑपरेटरों का कहना है कि शहर के कुछ रूटों पर पहले ही कमाई कम है, बड़ी मुश्किल से डीजल का खर्चा और ड्राइवर कंडक्टर का वेतन निकल पा रहा है। ऐसे रूटों पर 50 फीसदी क्षमता के साथ बसों के संचालन से आपरेटरों को नुकसान होगा ऐसे में कुछ बसें खड़ी भी हो सकती हैं।
सीटों के साथ चलने दिया जाए
खड़े होकर सफर करने पर रोक
बस आपरेटरों का कहना है कि ऑफिस ऑवर्स के दौरान सुबह और शाम के समय बसों को सीटों के साथ चलने की छूट दी जानी चाहिए ताकि लोगों को आवाजाही में दिक्कत पेश न आए। बसों में खड़े होकर सफर पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए।
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ऑफिस ऑवर्स में झेलनी पड़ सकती है दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के लोकल और लंबी दूरी के रूटों पर आज से बसें 50 फीसदी क्षमता के साथ चलेंगी। प्रदेश सरकार के आदेशों पर एचआरटीसी प्रबंधन और निजी बस ऑपरेटरों ने शुक्रवार से 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी पर बसें चलाने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के कारण सुबह और शाम के समय ऑफिस ऑवर्स में शहर के लोगों को बसों की किल्लत के कारण परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
राजधानी शिमला के लोकल रूटों पर एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटरों की करीब साढ़े तीन सौ बसें चलती हैं। कोरोना के मामले बढ़ने के बाद सरकार ने भले ही स्कूल बंद कर दिए हैं लेकिन शिक्षक और गैर शिक्षकों को अभी भी ड्यूटी पर जाना पड़ेगा। अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी 50 फीसदी क्षमता के साथ बसें चलने से परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
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एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक जितेंद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार चालक परिचालकों को शुक्रवार से बसें 50 फीसदी क्षमता के साथ चलाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। बसों की आधी सीटों पर यात्री न बैठें इसके लिए क्रॉस स्टीकर लगाने की भी व्यवस्था की जाएगी। निजी बस आपरेटर यूनियन के महासचिव सुनील चौहान का कहना है कि बसें 50 फीसदी क्षमता के साथ ही चलाई जाएगी। स्कूल बंद होने के बाद बसों में सवारियां पहले ही कम चल रही हैं। सुबह 9 से 10 और शाम 5 से 6 बजे के बीच ही बसों को अधिक सवारियां मिलती हैं।
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खड़ी भी हो सकती हैं कुछ निजी बसें
प्राइवेट बस ऑपरेटरों का कहना है कि शहर के कुछ रूटों पर पहले ही कमाई कम है, बड़ी मुश्किल से डीजल का खर्चा और ड्राइवर कंडक्टर का वेतन निकल पा रहा है। ऐसे रूटों पर 50 फीसदी क्षमता के साथ बसों के संचालन से आपरेटरों को नुकसान होगा ऐसे में कुछ बसें खड़ी भी हो सकती हैं।
सीटों के साथ चलने दिया जाए
खड़े होकर सफर करने पर रोक
बस आपरेटरों का कहना है कि ऑफिस ऑवर्स के दौरान सुबह और शाम के समय बसों को सीटों के साथ चलने की छूट दी जानी चाहिए ताकि लोगों को आवाजाही में दिक्कत पेश न आए। बसों में खड़े होकर सफर पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए।