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अंग्रेजी और शारीरिक शिक्षा का पाठ पढ़ा रहे ये सजायाफ्ता शिक्षक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 26 Sep 2018 09:21 AM IST
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सीबीआई की विशेष अदालत से धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराए जाने के बावजूद दो सजायाफ्ता शिक्षक सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। जिला कांगड़ा के स्कूलों में इन शिक्षकों द्वारा सेवाएं देने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
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शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय से जवाब तलब किया है। एक सप्ताह के भीतर निदेशक से रिपोर्ट मांगी गई है।उच्च शिक्षा निदेशक को लिखे पत्र में शिक्षा सचिव ने बताया है कि धोखाधड़ी के मामलों में जिला कांगड़ा के दो शिक्षकों को सीबीआई की विशेष अदालत ने अपराधी ठहराया है।
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इसके बावजूद ये दोनों शिक्षक स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। एक शिक्षक अंग्रेजी विषय में पीजीटी है और दूसरा शारीरिक शिक्षक है। शिक्षा सचिव ने पूछा है कि कोर्ट से दोषी साबित होने के बाद भी ये शिक्षक सरकारी सेवाएं किस आधार पर दे रहे हैं? इनके खिलाफ विभागीय जांच क्यों नहीं की गई?
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स्थानीय अधिकारियों को क्या मामले की जानकारी है या नहीं? शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि सजायाफ्ता व्यक्तियों द्वारा सरकारी क्षेत्र में सेवाएं देना गंभीर मामला है। मामले की विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय से मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।