दावेदारों की नूराकुश्ती में फंसी मुख्य सचेतक की नियुक्ति, यहां जानिए पूरा मामला
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हिमाचल में मुख्य सचेतक व उप मुख्य सचेतक की नियुक्ति फंस गई है। भारी हंगामे और शोरशराबे के बीच जिस मुख्य सचेतक व उप मुख्य सचेतक पद के लिए विधानसभा में बिल लाकर बिना चर्चा पास कराने पर जयराम सरकार विवादों में घिरी थी, अब उन्हीं पदों पर नियुक्तियां दावेदारों की नूराकुश्ती के चलते फंस गई हैं।
गले की फांस बन चुकी नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा संगठन दोनों को ही समझ नहीं आ रहा है कि करें क्या। चूंकि 2019 के चुनाव को लेकर पहले ही केंद्रीय संगठन प्रदेश को तैयारी के लिए कह चुका है।
ऐसे में दावेदारों को नाराज कर प्रदेश संगठन लोकसभा चुनाव के लिए बीच का रास्ता तलाश रहा है।दरअसल, सरकार गठन के समय कई ऐसे दिग्गज विधायक थे, जिनका नाम तो संभावित मंत्रिमंडल की चर्चाओं में था लेकिन शपथ की सूची में वे जगह नहीं बना सके।
ऐसे लटकता रहा नियुक्ति का मामला
इसके बाद से लगातार खेमेबाजी कर वह सरकार व संगठन पर एडजस्टमेंट के लिए दबाव बना रहे थे। वरिष्ठ विधायकों की एडजस्टमेंट के लिए बजट सत्र के दौरान जयराम सरकार गुपचुप तरीके से मुख्य व उप मुख्य सचेतक के पदों के लिए बिल लेकर आ गई।
भारी हंगामे और विरोध के बीच बिल पास हो गया। मई महीने में राज्यपाल ने भी इसकी अनुशंसा कर दी। इसके बाद से वरिष्ठ विधायकों की गुटबाजी और तेज हो गई। हर दावेदार सिर्फ मुख्य सचेतक की कुर्सी पर ही काबिज होना चाह रहा है।
वरिष्ठ विधायकों की नूराकुश्ती का ही नतीजा है कि करीब एक महीने पहले राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा मुख्य सचेतक व उप मुख्य सचेतक की नियुक्ति व वेतन संबंधी बिल को मंजूरी देने के बाद भी सरकार दोनों पदों पर नियुक्ति नहीं कर सकी है।
मंत्री के बराबर होगा प्रोटोकॉल
खास बात यह है कि इन पदों पर नियुक्ति के लिए जितने भी वरिष्ठ विधायकों के नाम चल रहे हैं, उनमें से ज्यादातर मुख्य सचेतक ही बनना चाहते हैं। विधायकों के इसी हठ की वजह से दोनों पदों की नियुक्ति अटक गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार मुख्य सचेतक को कैबिनेट मंत्री और उप मुख्य सचेतक को कैबिनेट राज्य मंत्री का दर्जा मिलेगा। वेतन, भत्तों समेत तमाम सुविधाएं भी मंत्रियों के समान ही रहेंगी।
हिमाचल में यह व्यवस्था पहली बार लागू की जानी है। इस व्यवस्था को मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर चल रहे विवाद के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।