सावधान: दूध में ऐसी मिलावट, जहर से कम नहीं
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हिमाचल में डिटर्जेंट पाउडर और यूरिया युक्त नकली दूध भी बिक रहा है। शहरों में यह नकली दूध खुले में बेचा जा रहा है। आईआईटी मंडी की ओर से एक प्रोजेक्ट के तहत की गई जांच में यह खुलासा हुआ है।
आईआईटी की टीम ने सामाजिक जागरूकता प्रोजेक्ट के तहत मंडी शहर में बिक रहे खुले दूध के सैंपल लेकर इसकी जांच की है। जांच के दौरान इस दूध में डिटर्जेंट पाउडर और यूरिया पाया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे दूध के नियमित सेवन से किडनी और लीवर डैमेज हो सकते हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आईआईटी मंडी की ओर से अब अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में प्रदर्शनी लगाकर ऐसे दूध को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
ऐसे हो रहा लोगों की सेहत से खिलवाड़
आईआईटी की जांच रिपोर्ट के अनुसार घर-घर बेचा जा रहा यह नकली दूध, पानी में मिल्क पाउडर, डिटर्जेंट और यूरिया मिला कर तैयार किया जा रहा है।
सैंपलों की जांच करने पर इस दूध में 20 प्रतिशत डिटर्जेंट और 10 फीसदी यूरिया पाया गया है। यूरिया खाद और डिटर्जेंट से दूध गाढ़ा होता है। यह जल्दी खराब नहीं होता और दुर्गंध भी नहीं आती है।
प्रोजेक्ट पर काम करने वाले आईआईटी मंडी के सहायक प्रोफेसर डॉ. रमना ठाकुर और डॉ. पीसी रवि कुमार ने मंडी शहर के दस भागों से सैंपल लिए। डॉ. पीसी रवि कुमार ने बताया कि ये सैंपल जून 2014 में लिए थे।
प्रयोगशाला में जांच के बाद इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भी सौंपी गई है। उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनके भारद्वाज का कहना है कि आईआईटी की ऐसी जांच की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। डिटर्जेंट और यूरिया युक्त दूध के नियमित सेवन से किडनी और लीवर डैमेज हो सकता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान ने बताया कि मंडी जिले में दूध में किसी प्रकार की मिलावट की कोई सूचना नहीं है। अगर ऐसी कोई बात है तो पता लगाकर सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।