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उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग: अनुचित व्यापार व्यवहार पर इंश्योरेंस कंपनी को 50 हजार रुपये का जुर्माना
Thu, 17 Aug 2023 11:21 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 17 Aug 2023 11:21 PM IST
सार
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने बीमा कंपनी को 2.91 लाख रुपये नौ फीसदी ब्याज सहित अदा करने के दिए आदेश दिए हैं।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दुर्घटनाग्रस्त वाहन की बीमा राशि अदा न करने पर यूनाइटेट इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने बीमा कंपनी को 2.91 लाख रुपये नौ फीसदी ब्याज सहित अदा करने के दिए आदेश दिए हैं। इसके अलावा अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए कंपनी को 25 हजार रुपये मुकदमेबाजी के भी अदा करने होंगे। आयोग ने अपने आदेशों की अनुपालाना के लिए 45 दिनों का समय दिया है।
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आयोग ने कुल्लू जिले की तिलका देवी की शिकायत को स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किए। शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि उसने 30 मई 2018 से 29 मई 2019 तक गाड़ी का बीमा यूनाइटेट इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से करवाया था।
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पहली जनवरी 2019 को शिकायतकर्ता की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उस समय गाड़ी की बीमा राशि 3.89 लाख रुपये थी। आयोग को बताया गया कि दुर्घटना के समय बीमा नीति के अनुसार सभी दस्तावेज सही थे। इस दुर्घटना की जानकारी बीमा कंपनी को दी गई। बीमा कंपनी ने सर्वेक्षण करवाया लेकिन, बीमा राशि देने से इंकार कर दिया। बीमा कंपनी ने आयोग को बताया कि दुर्घटना के समय वाहन में आठ के बजाय 10 लोग सफर कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी की शर्तों का उल्लंघन किया है। आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि दुर्घटना के समय वाहन में हालांकि, 10 लोग सफर कर रहे थे। लेकिन उनमें से दो नाबालिग थे और किसी भी सीट पर नहीं बैठे थे। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया है। आयोग ने बीमा कंपनी की दलीलों को ठुकराते हुए शिकायत को स्वीकार कर आदेश पारित किए।
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