सिपाही भर्ती: सोशल मीडिया में उठी आयु सीमा में छूट देने की उठी मांग
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1300 से ज्यादा कांस्टेबलों के पद भरने को जयराम मंत्रिमंडल की मंजूरी के साथ ही युवाओं ने भर्ती की अधिकतम उम्र सीमा में छूट देने की मांग उठा दी है। ट्विटर व फेसबुक पर बड़ी संख्या में युवा मांग कर रहे हैं कि कोरोना के कारण करीब सात महीने भर्ती प्रक्रिया टल गई। इस वजह से उनकी पात्रता अधर में पड़ गई है। सिपाही भर्ती के लिए सामान्य श्रेणी के आवेदकों के लिए 18 से 23 साल की आयुसीमा निर्धारित है। एससी, एसटी, ओबीसी के लिए अधिकतम आयुसीमा 25 साल है।
होमगार्ड के सामान्य व पिछड़ी श्रेणी के जवानों के लिए अधिकतम आयुसीमा 28 साल, गोरखा के लिए 25 साल, गोरखा होमगार्ड के लिए 28 साल, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के होमगार्ड के लिए भी 28 साल और खिलाड़ी कोटे के लिए 25 साल की अधिकतम आयु सीमा निर्धारित है। युवाओं की दलील है कि सामान्य हालात में मई-जून तक भर्ती प्रक्रिया हो सकती थी। इससे उन्हें उम्र की वजह से अपात्र नहीं होना पड़ता। सरकार हर श्रेणी के लिए आयु सीमा में छह महीने से एक साल तक अतिरिक्त छूट दे। फिलहाल, हिमाचल पुलिस ने अभी तक पुलिस भर्ती अधिसूचित नहीं की है। ऐसे में युवाओं का जोर इस बात पर ज्यादा है कि सरकार इस अधिसूचना के जारी होने से पहले युवाओं के लिए राहत भरा फैसला ले।
पिछले साल दिसंबर में सीएम ने किया था एलान
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 2 दिसंबर 2019 को प्रदेश पुलिस रेजिंग डे पर कांस्टेबलों के 1000 पद भरने की घोषणा की थी। इसके बाद मार्च में हुए बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में इसकी घोषणा की।
माना जा रहा था कि मई महीने तक पुलिस मुख्यालय भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकता है, लेकिन 23 मार्च से हिमाचल समेत पूरे देश में कोरोना के चलते लॉकडाउन लग गया। इसके बाद भीड़ से बचने व केंद्रीय गृह मंत्रालय की विभिन्न एसओपी के चलते पुलिस ने भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की थी। अब जयराम मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद हिमाचल पुलिस इस भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने जा रही है।