नोटबंदी पर प्रदर्शन: कांग्रेसी बोले-हमने गिरफ्तारियां दी, पर कनलोग में छोड़ आई पुलिस
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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू समेत 70 कांग्रेसियों को शिमला पुलिस वीरवार को बस में भरकर कनलोग छोड़ आई। कांग्रेसी नोटबंदी को लेकर सुक्खू की अध्यक्षता में राजीव भवन शिमला के नजदीक कार्ट रोड पर प्रदर्शन कर रहे थे।
जमकर प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और कार्ट रोड से माल रोड की ओर जाने लगे। इस बीच कार्यकर्ताओें ने सड़क पर यातायात रोका और सीटीओ की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें बस में भरा और कनलोग छोड़ा।
बाद में कांग्रेस दफ्तर से गाड़ियां बुलाई गईं, जिसमें सभी कार्यकर्ता वापस लौटे। वहीं, पुलिस अधीक्षक शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने बताया कि रास्ता रोकने से लोगों को परेशानी हो रही थी।
वे बगैर अनुमति के सीटीओ की ओर बढ़ रहे थे, इसलिए उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया और न ही उनके खिलाफ मुकदमा दिया गया। ऐसा करने से पहले उन्हें केवल डिटेन किया गया और बस में बैठाकर कनलोग छोड़ा गया।
कांग्रेस का दावा, हमने दी गिरफ्तारियां
उधर, कांग्रेस के मीडिया विभाग ने प्रेस बयान में बताया कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन करने से रोकते हुए सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। सुक्खू समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी। कांग्रेस ने नोटबंदी के खिलाफ उपायुक्तों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा है।
कालेधन को रोकने की मंशा ठीक, मगर लोगों को हो रही असुविधा
कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कार्यकर्ताओं को कहा कि 8 नवंबर 2016 को आधी रात से प्रधानमंत्री की ओर से देश में नोटबंदी का फैसला बहुत ही जल्दबाजी और बिना तैयारी के लिया गया है।
कालेधन का उपयोग रोकने की मंशा से लिए गए नोटबंदी के इस फैसले का समर्थन है, मगर इस फैसले देश के आम नागरिकों को हो रही असुविधा का पुरजोर विरोध किया जाता है। इससे पूरे देश में आर्थिक आपातकाल की स्थिति बनी हुई है।