कांग्रेस पर्यवेक्षक इस तारीख से पहले सौंपेंगे अपनी रिपोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के सभी ब्लॉकों में तैनात कांग्रेस पर्यवेक्षक 14 अगस्त से पहले अपनी रिपोर्ट प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर को सौंपेंगे। राठौर ने नए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की तैनाती से पहले पर्यवेक्षकों को रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का समय दिया है। प्रदेश कांग्रेस ने पच्छाद और धर्मशाला विधानसभा उपचुनाव से पहले नए बीसीसी अध्यक्षों की तैनाती का लक्ष्य रखा है। नई ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों का गठन भी शीघ्र होगा।
प्रदेशाध्यक्ष ने सभी ब्लॉकों में अध्यक्षों की तैनाती और ब्लॉक कमेटी के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ब्लॉक कमेटी के नए अध्यक्षों की तैनाती से पहले सभी ब्लॉकों में पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। प्रदेश कांग्रेस ने पहली बार बीसीसी अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती की है।
ये पर्यवेक्षक ब्लॉकों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों और पदाधिकारियों से बीसीसी अध्यक्ष के दमदार प्रत्याशी का चयन करेंगे। ब्लॉक अध्यक्ष ऐसे नेता को बनाया जाना है, जिस पर अधिकांश पार्टी नेताओं की सहमति हो। इसके बाद पर्यवेक्षक रिपोर्ट तैयार कर प्रदेशाध्यक्ष को सौंपेंगे। इन रिपोर्टों के आधार पर बीसीसी अध्यक्षों की तैनाती की जाएगी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि तैनात पर्यवेक्षकों को 15 दिन का समय रिपोर्ट के लिए दिया है। इन्हें 14 अगस्त से पहले रिपोर्ट जमा करानी है। इसके बाद ब्लॉक अध्यक्षों की तैनाती और बीसीसी का गठन किया जाएगा।
दिल्ली पहुंचे राठौर, वेणुगोपाल, पटेल और पाटिल से मिले
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने महासचिव केसी वेणुगोपाल, कोषाध्यक्ष अहमद पटेल और प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल से मिलकर ब्लॉक पर्यवेक्षकों की तैनाती को लेकर उठे विवाद पर अपना जवाब दिया। राठौर पर्यवेक्षकों की सूची भी साथ ले गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक विरोधी धड़ा प्रदेश में पर्यवेक्षकों की तैनाती को लेकर सवाल उठा चुका है। यह मामला हाईकमान से उठाया गया है। इसी मामले में सफाई देने के लिए राठौर दिल्ली पहुंचे हैं।
इस सूची को तैयार करते समय किन बातों का ध्यान रखा गया है, इसे लेकर राठौर ने अपना पक्ष रखा है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी की ओर से की गई समीक्षा और हार के कारणों पर भी चर्चा हुई। प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने के लिए अभी तक क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी जानकारी भी राठौर ने दी है।