Himachal: मुख्यमंत्री जयराम ने सुनी बागवानों की बात, छह फीसदी सब्सिडी से भी असंतुष्ट
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का आश्वासन जरूर दिया गया। बागवानी पर घिरे संकट के बीच सराकर से तुरंत राहत न मिलने से नाराज बागवान अब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में पांच अगस्त को सचिवालय घेराव पर अड़ गए हैं।
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सचिवालय में गुरुवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बागवानों के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर चर्चा की। बैठक में प्रदेश के 27 बागवान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान कार्टन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से राहत देने के फार्मूले पर फैसला नहीं हो सका। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का आश्वासन जरूर दिया गया। बागवानी पर घिरे संकट के बीच सराकर से तुरंत राहत न मिलने से नाराज बागवान अब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में पांच अगस्त को सचिवालय घेराव पर अड़ गए हैं। बैठक के दौरान संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने महंगे कार्टन का मुद्दा उठाया। कहा कि जीएसटी में छह फीसदी राहत एचपीएमसी हिमफेड के कार्टन पर देने से आम बागवानों को राहत नहीं मिलेगी। दोनों एजेंसियां एक फीसदी से भी कम कार्टन बेचती हैं, 99 फीसदी बागवान खुले बाजार से कार्टन लेते हैं। विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि 40 फीसदी बागवान पहले ही कार्टन खरीद चुके हैं, उन्हें भी राहत मिली चाहिए। बागवानों ने ट्रे के दामों में हुई भारी बढ़ोतरी की जांच कर दामों को नियंत्रित करने की भी मांग उठाई। बैठक में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह, विधायक बलवीर वर्मा, मुख्य सचिव आरडी धीमान मौजूद रहे।
यह बागवान प्रतिनिधि रहे बैठक में शामिल
प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसियेशन के कैलाश मांटा, आशुतोष चौहान, प्लम ग्रोवर एसोसियेशन से दीपक सिंघा, छौहारा वैली एप्पल ग्रोवर एसोसियेशन से संजीव ठाकुर, सेब उत्पादक संघ से सोहन ठाकुर, फल उत्पादक संघ से गोपाल चौहान, बुशैहर ग्रोवर एसोसियेशन से भगवान सिंह चौहान, कोटगढ़ से प्रेम कैंथला, किसान सभा से कुलदीप तंवर सहित अन्य बागवान संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई कमेटी
बागवानों को राहत देने के लिए सरकार गंभीर है। समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। इस साल एकाएक पैकेजिंग सामग्री बहुत अधिक महंगी हुई है, जिसे देखते हुए छह फीसदी जीएसटी सरकार की ओर से वहन करने का फैसला लिया है। सभी बागवानों को इसका लाभ कैसे दिया जाए, यह तय करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है।
जयराम ठाकुर, मुख्यमंत्री
नहीं मिली कोई राहत, होकर रहेगा सचिवालय घेराव
एक साल बाद 10 बार ज्ञापन सौंपने पर मुख्यमंत्री ने बैठक के लिए बुलाया इसका आभार। उम्मीद थी मुख्यमंत्री बागवानों को राहत देने के लिए बड़ी घोषणा करेंगे लेकिन बिना तैयारी के आयोजित बैठक से कोई राहत नहीं मिली। बागवानी संकट के दौर में है इसलिए 27 संगठनों ने पांच अगस्त को सचिवालय घेराव कर जोरदार तरीके से अपनी आवाज उठाने का फैसला लिया है।
- हरीश चौहान, संयोजक, संयुक्त किसान मंच, हिमाचल प्रदेश