विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का बड़ा एलान
हिमाचल विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर सीएम वीरभद्र सिंह ने बड़ा एलान किया है। साथ ही सिटिंग विधायकों को लेकर भी उन्होंने बयान दिया है।मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि वह शिमला शहर के अलावा कहीं से भी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
वीरभद्र ने कहा कि वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस प्रत्याशियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सूचियां तैयार हैं और इन पर जल्दी फैसला हो जाएगा।
वीरभद्र बोले कि सिटिंग विधायकों में से अधिकांश को टिकट मिलेंगे। उन्होंने यह बात शिमला में पर्यटन निगम के हॉली डे होम में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कही।
आगामी रणनीति पर सुक्खू के साथ की बैठक
उन्होंने कांग्रेस की सह प्रभारी रंजीत रंजन और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ पार्टी की आगामी रणनीति पर बैठक भी की। सीएम वीरभद्र सिंह सोमवार को करीब दो बजे होलीडे होम पहुंचे। वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस अपनी रणनीति को प्रकट नहीं करती है।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रिपीट होगी। इससे पहले ही कांग्रेस की सह प्रभारी रंजीत रंजन ने अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनियों में अनियमितता होने के आरोप लगाते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा। रंजन की प्रेस वार्ता खत्म होने के बाद ही मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उनके साथ बैठक की।
इसमे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स और अन्य नेता मौजूद रहे। सूत्रों ने बताया कि लंच के दौरान हुई इस बैठक में जनता के खिलाफ मोदी सरकार की कई नीतियों को लेकर भाजपा की घेराबंदी करने की रणनीति बनाई गई।
विक्रमादित्य असमंजस में, नहीं किया टिकट के लिए आवेदन
युवा कांग्रेस अध्यक्ष व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह शिमला ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ने में असमंजस में हैं। राहुल गांधी की रैली में वीरभद्र सिंह के दोबारा सीएम प्रोजेक्ट होने के चलते विक्रमादित्य अभी टिकट के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं।
विक्रमादित्य ने कहा कि इस समय वह उसी स्थिति में हैं, जिससे प्रदेश के अन्य नेता गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान के जो निर्देश होंगे, वह उन पर अमल करेंगे। सोमवार को सोलन में पत्रकारों से बातचीत में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह कौन सी सीट से चुनाव लड़ेंगे, इसकी जानकारी अभी नहीं दे सकते।
लेकिन इतना तय है कि प्रदेश में कई सीटों पर बदलाव होगा और युवाओं को मिलेगा। चुनाव मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में लड़े जाएंगे और पार्टी पूरे बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में काबिज होगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने ‘हिसाब मांगे हिमाचल’ का नारा दिया है तो युकां ‘जवाब दो हिमाचल’ का नारा चलाएगी। जिला स्तर पर रैलियां निकालकर हिमाचल में हुए विकास कार्यों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने पहले पांच अक्तूबर और उसके बाद दस अक्तूबर तक टिकट के लिए आवेदन की तारीख निर्धारित की है।
भाजपा पर साधा निशाना
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जीएसटी लागू होने का असर उद्योग जगत पर पड़ा है और कई लोग बेरोजगार हुए हैं। केंद्र में शाह परिवार की संपत्ति बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जांच एजेंसियों का इस्तेमाल अपने विरोधियों के खिलाफ किया है जबकि भाजपा में चल रहे घोटालों को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों और विकास की बात लेकर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी।