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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   CM Virbhadra Singh Statement on Second Capital Dharamshala.

अभी धर्मशाला शिफ्ट नहीं होंगे निदेशालय, भत्ते पर भी फैसला नहीं

Sun, 22 Jan 2017 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला Updated Sun, 22 Jan 2017 12:00 AM IST
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CM Virbhadra Singh Statement on Second Capital Dharamshala.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि शिमला से निदेशालय अभी धर्मशाला शिफ्ट नहीं किए जाएंगे। राजधानी की तर्ज पर धर्मशाला में कर्मचारियों को भत्ते और सुविधाएं देना आगे की बातें हैं। शनिवार को प्रयास भवन में धर्मशाला को हिमाचल की दूसरी राजधानी बनाने की अधिसूचना जारी करने के सवाल पर सीएम ने कहा कि घोषणा का मतलब नोटिफाइड ही है।

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पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में सीएम ने कहा कि धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा पहले ही दे दिया था। धर्मशाला में पहले डीसी, एसपी और सीएमओ के दफ्तर होते थे। कांग्रेस ने धर्मशाला के भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व को समझते हुए इसे अपग्रेड किया। यहां पीडब्ल्यूडी, आईपीएच और बिजली बोर्ड के चीफ इंजीनियर बैठाए।
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शिक्षा बोर्ड कार्यालय यहां शिफ्ट किया। विधानसभा परिसर बनाया। धीरे-धीरे धर्मशाला को अपग्रेड किया जा रहा है। पर्यटन और प्रशासनिक दृष्टि से धर्मशाला महत्वपूर्ण स्थल बन गया है। धर्मशाला हिमाचल की दूसरी राजधानी बने, इसीलिए ये सभी कदम कांग्रेस सरकार ने उठाए। कांग्रेस चाहती है कि धर्मशाला दूसरी राजधानी के रूप में फले-फूले और तरक्की करे।

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यहां 9 करोड़ से बनेगा युद्ध स्मारक : वीरभद्र

CM Virbhadra Singh Statement on Second Capital Dharamshala.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि धर्मशाला में 9 करोड़ की लागत से युद्ध स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं, अपंग सैनिकों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 15 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को धर्मशाला में पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सूबे के लोगों को राज्य के वीर सैनिकों और पूर्व सैनिकों पर गर्व है। सूबे के शूरवीरों ने अपनी बहादुरी से देशभर में प्रदेश का नाम रोशन किया है।

बीते चार वर्षों के दौरान 1400 पूर्व सैनिकों को नौकरी दी गई है। सरकार ने विभिन्न शौर्य पुरस्कारों पर 5.21 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार पूर्व सैनिकों की शेष मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

टोल बैरियरों पर टैक्स की अदायगी में छूट पर चर्चा

मीटिंग में प्रदेश के सभी टोल बैरियरों पर टोल टैक्स की अदायगी में छूट, ऊना में सीएसडी डिपो खोलना, वार मेमोरियल पार्क के निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध करवाना, वर्तमान सैनिक विश्राम गृह की मरम्मत तथा जीर्णोद्धार, इस प्रकार का विश्राम गृह रोहडू में खोलना, पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित पद भरना, सैन्य सेवा के दौरान अर्जित शैक्षणिक योग्यता को राज्य सेवाओं में मान्य करना, कीर्ति चक्र के समान महावीर चक्र की अनुदान राशि बढ़ाना, शौर्य पुरस्कार विजेताओं को वोल्वो, डीलक्स बसों में परिवहन सुविधाएं प्रदान करने आदि पर चर्चा की गई।

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