फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   CM Virbhadra Singh Statement on RaghuNath Temple Kullu Dispute.

रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण पर आया सीएम वीरभद्र का पहला बयान

Fri, 29 Jul 2016 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 29 Jul 2016 09:50 AM IST
विज्ञापन
CM Virbhadra Singh Statement on RaghuNath Temple Kullu Dispute.

दुनिया भर में मशहूर कुल्लू के प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर के विवाद पर वीरवार को सीएम वीरभद्र सिंह ने साफ किया कि जनता की मांग पर यह अधिग्रहण किया गया है। 2014 में मंदिर की मूर्तियों की चोरी के बाद यह मांग और तेज हो गई थी।

विज्ञापन


ऐसे में लोगों की मांग का सम्मान करते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ मंदिर परिसर और मंदिर प्रबंधन का अधिग्रहण कर रही है, महेश्वर सिंह महल से बेदखल नहीं होंगे।
विज्ञापन


मंदिर के छड़ीबरदार व कुल्लू राजघराने से ताल्लुक रखने वाले हिलोपा विधायक महेश्वर सिंह के आरोपों को सीएम ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि रघुनाथ मंदिर किसी का निजी मंदिर नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मंदिर को लेकर पंजाब हाईकोर्ट द्वारा बहुत पहले एक निर्णय सुनाया गया था जिससे साफ था कि रघुनाथ मंदिर प्राइवेट नहीं आम मंदिर है। उसी के आधार पर ही सरकार ने यह फैसला किया है।

बाबा अमरनाथ के आश्रम व मंदिर के मामले पर दोबारा चर्चा करेगी कैबिनेट

CM Virbhadra Singh Statement on RaghuNath Temple Kullu Dispute.

सीएम ने साफ किया है कि सोलन में बाबा अमरनाथ के आश्रम व मंदिर को सरकार गिराने के पक्ष में नहीं है। जब यह मंदिर बन रहा था, उस समय स्थानीय लोगों की भी रजामंदी थी। उस समय प्रशासन ने अपनी आंखें बंद रखीं।

लेकिन अब बनने के बाद अगर मंदिर को गिराया जाएगा तो यह उचित नहीं होगा। साफ किया कि आने वाली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर फिर चर्चा की जाएगी और अगर कैबिनेट ने मंजूरी दी तो मंदिर परिसर की जमीन उन्हें लीज पर दे दी जाएगी।

रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण में मेरा हाथ नहीं : कर्ण

CM Virbhadra Singh Statement on RaghuNath Temple Kullu Dispute.

राजपरिवार से ताल्लुक रखने वाले महेश्वर सिंह के छोटे भाई एवं आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह ने कहा कि रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण में उनका हाथ नहीं है। कई प्रस्ताव मिलने के बाद यह फैसला सरकार ने लिया है। रघुनाथ मंदिर व्यक्तिगत नहीं, पारिवारिक है।

उस परिवार का मैं भी हिस्सा हूं। महेश्वर सिंह और मैं भी ट्रस्टी हूं। अभी तक कुल आठ सदस्य हैं, जिनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। पत्रकारों से बातचीत में कर्ण ने कहा कि रघुनाथ मंदिर के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ही रहेंगे।

मंदिर अधिग्रहण से परंपराओं व उत्सवों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। मंदिर में ताला नहीं लगेगा। पूजा-पाठ पर रोक नहीं होगी। पहले की भांति विधि-विधान से पूजा-पाठ होगा। उन्होंने कहा कि मंदिरों की कमेटी होती है लेकिन यहां कोई कमेटी नहीं है।

कुल्लू के लोग सीधे साधे हैं और लोगों में अधिग्रहण को लेकर विरोधाभास है। जबकि अधिग्रहण से कुछ भी बदलाव नहीं होगा। प्राचीन काल से आ रही परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा। दशहरे समेत अन्य उत्सव पहले की भांति ही मनाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि कई प्रस्ताव मिलने के बाद सरकार अधिग्रहण के लिए करीब छह-सात माह से काम कर रही थी। मंदिर में चोरी समेत अन्य चीजों को देखते हुए ही सरकार ने यह निर्णय लिया है।

अधिग्रहण पर खुशी या दुख के सवाल पर कर्ण सिंह ने कहा कि इसमें खुशी व दुख जैसा कुछ नहीं है। यह सरकार का फैसला है। इस मौके पर जिला कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर, नगर परिषद कुल्लू के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत आदि भी मौजूद थे।

महेश्वर सिंह शिमला रवाना, कल हाईकोर्ट में देंगे चुनौती

CM Virbhadra Singh Statement on RaghuNath Temple Kullu Dispute.

रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण के विरोध में राजघराने से संबंधित व देवता के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह शिमला रवाना हो गए हैं। शुक्रवार को महेश्वर सिंह प्रदेश सरकार के रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। वहीं, अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद प्रशासन व पुलिस चौकस है।

महेश्वर ने कहा कि रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण को लेकर प्रशासन से नोटिस मिल गया है। सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। इसके लिए वकीलों के साथ चर्चा की गई है।

उन्होंने कहा कि रघुनाथ मंदिर निजी मंदिर है और इसका अधिग्रहण गलत है। रघुनाथ मंदिर अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव से जुड़ा हुआ है। मंदिर का नियंत्रण महेश्वर सिंह के पास है। लेकिन अधिग्रहण के साथ यह नियंत्रण प्रशासन के पास होगा।

सात दिन में पूरी होगी प्रक्रिया
अधिग्रहण संबंधी औपचारिकताएं सात दिन में पूरी होंगी। इस संबंध में मंदिर प्रबंधन को नोटिस दिया जा चुका है। सात दिन में अकाउंट समेत अन्य डाटा मांगा गया है। अधिग्रहण पर प्रशासन मुख्य तौर पर आय-व्यय पर नजर रखेगा और पारदर्शिता लाएगा। इधर, डीसी कुल्लू हंसराज चौहान ने बताया कि परंपराएं पहले की भांति जारी रहेंगी। सिर्फ आय-व्यय का रिकॉर्ड व्यवस्थित कर पारदर्शिता लाई जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed