{"_id":"58c92d4a4f1c1b741132b900","slug":"cm-virbhadra-singh-may-announce-policy-for-outsource-employees-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"18 मार्च को लाखों आउटसोर्स कर्मियों को तोहफा दे सकते हैं सीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
18 मार्च को लाखों आउटसोर्स कर्मियों को तोहफा दे सकते हैं सीएम
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 16 Mar 2017 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति की घोषणा 18 मार्च को हो सकती है। 18 मार्च को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ इंटक पदाधिकारियों की बैठक होगी। मजदूर संगठन इंटक ने सरकार को विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।
विज्ञापन
अफसरों की मौजूदगी में होने वाली बैठक में आंगनबाड़ी, मिड-डे मील, आशा वर्कर्स, कंप्यूटर शिक्षकों, पंचायत चौकीदार, सिलाई अध्यापिकाओं और आउटसोर्स कर्मियों की मांगों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दस मार्च को पेश किए गए बजट में आउटसोर्स कर्मचारियों और कंप्यूटर शिक्षकों के लिए एक माह के भीतर नीति बनाने की घोषणा की थी।
विज्ञापन
संभावित है कि 18 मार्च को होने वाली बैठक में नीति को लेकर घोषणा कर मुख्यमंत्री लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बजट में आउटसोर्स कर्मचारियों और कंप्यूटर शिक्षकों के लिए एक महीने में समुचित नीति बनाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
इसके अलावा मिड-डे मील, आशा कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत की सिलाई अध्यापिकाओं, दिहाड़ीदारों, पंचायत चौकीदारों और आंगनबाड़ी से जुड़े कर्मियों का मानदेय बढ़ाने का भी एलान किया है। अब 18 मार्च को इन घोषणाओं को लागू करने की तारीख तय कर मुख्यमंत्री कर्मचारी वर्ग को बड़ी राहत दे सकते हैं।