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बाल आयोग को सीएम वीरभद्र की नसीहत
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 23 Dec 2014 06:09 PM IST
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग को नसीहत दी है कि हर कीमत पर बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जाए। बाल उत्पीड़न और बच्चों के अवैध व्यापार पर कड़ी नजर रखें। मुख्यमंत्री मंगलवार को लोक प्रशासन संस्थान फेयरलॉन शिमला में ‘बच्चों के अधिकार एवं संरक्षण’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में संबोधित कर रहे थे।
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कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं सर्व शिक्षा अभियान हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल उत्पीड़न रोकने के लिए प्रारंभिक विद्यालय काल से ही तत्काल प्रतिक्रिया की जरूरत है। बच्चे समाज का भविष्य हैं और हर कीमत पर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जाएगा।
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विशेष बच्चों भी समान अधिकार
वीरभद्र सिंह ने कहा कि विशेष बच्चे भी समान अधिकारों व अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा के हकदार हैं। शिक्षकों को सभी स्तरों पर बच्चों के अधिकारों को सुनिश्चित करना चाहिए। प्रदेश में 21 बाल गृह हैं और सरकार ने बच्चों को न्याय देने के लिए किशोर न्याय बोर्डों का गठन किया है।
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ये रहे मौजूद
कार्यशाला में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. कर्नल धनीराम शांडिल, प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्यामा डोगरा, आयोग की सदस्य सचिव मधुबाला, कुसुम वर्मा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल, प्रदेश सामाजिक विकास बोर्ड की अध्यक्ष सत्या परमार, बाल कल्याण समिति की महासचिव राजकुमारी, राज्य चुनाव आयुक्त टीजी नेगी, हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान के निदेशक प्रियतु मंडल, विशेष सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एमपी सूद आदि मौजूद रहे।