ट्रेड यूनियन की तरह काम न करें छात्र: वीरभद्र
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेजों में छात्र संगठन अनुशासन और शैक्षणिक माहौल को बनाए रखने के लिए बनती है। छात्र संगठन ट्रेड यूनियनों की तरह काम न करें। विवि का कर्मचारी, शिक्षक और हर छात्र संस्थान को बुलंदियों तक पहुंचाने में सहयोग करें। वे अपना अधिक से अधिक समय पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए लगाएं। उन्होंने यह बात विवि में प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता डा. वाईएस परमार की प्रतिमा का अनावरण करने बाद सभा को संबोधित करते हुए हुए कही। डा. यशवंत सिंह परमार सादगी, ईमानदारी, मेहनत और कर्मठता के लिए जाने जाते थे।
उन्हीं के प्रयासों से 15 अप्रैल, 1948 को हिमाचल का निर्माण हुआ। 25 जनवरी, 1971 को पूर्ण राज्यत्व का दर्जा मिला। उन्होंने ही प्रदेश में विकास की नींव रखी, उच्चतर शिक्षा विस्तार की उनकी सोच से ही 22 जुलाई 1970 को संपूर्ण प्रदेश को प्रदेश विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। प्रदेश के अस्तित्व में आने के समय प्रदेश में सिर्फ एक इंटर कालेज था, आज प्रदेश में 82 कॉलेज हैं। सरकार ने 16 नए कॉलेज दूर दराज के क्षेत्रों में खोले हैं।
वित्तीय संकट पर कुछ नहीं बोले मुख्यमंत्री
विवि में हुए मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विवि के आर्थिक संकट और फीस बढ़ोतरी के मामले पर कुछ नहीं बोला। विवि प्रशासन और छात्रों को उम्मीद थी कि वे इन दो विषयों पर जरूर कुछ बोलेंगे। मुख्यमंत्री के समक्ष हालांकि कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने आर्थिक सहयोग करने की मांग को भी उठाया।
वहीं, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के डा. वाईएस परमार की परिसर में स्थापित प्रतिमा के अनावरण समारोह में पहुंचने के बाद समरहिल चौक पर एक घंटे तक एसएफआई ने प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने फीस बढ़ोतरी, परिसर में धारा -144 लागू कर आम छात्रों पर किए लाठीचार्ज और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार एससीए चुनाव पर प्रतिबंध लगाने के सभी फैसलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इकाई अध्यक्ष राहुल चौहान और सह सचिव केवल एवं पूर्व एससीए पदाधिकारी रहे होशियार सिंह, मोनिका की अगुवाई में छात्र विरोधी फैसलों का विरोध किया।
एक घंटे तक प्रदर्शन करते कार्यकर्ता
पोस्टर और बैनर हाथ में पकड़ कर एसएफआई कार्यकर्ताओं ने फीस बढ़ोतरी पर बिठाई कमेटी की जांच की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर फीस बढ़ोतरी वापस लेने, एससीए चुनाव को बहाल करने और शिक्षा के बजट में बढ़ोतरी करने तथा विवि के बजट को बढ़ाने की मांग के समर्थन में नारेबाजी की।
मुख्यमंत्री के सुबह 9:20 बजे समरहिल चौक पहुंचने से करीब आधा घंटा पहले ही एसएफआई कार्यकर्ता चौक पर एकत्र होना शुरू हो गए थे। यहां सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस के जवान तैनात थे। एसएफआई कार्यकर्ताओं ने बैच लगाकर सीएम के काफिले के परिसर की ओर जाने के तुरंत बाद चौक पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। एक घंटे तक कार्यकर्ता प्रदर्शन करते रहे।