कांग्रेस कार्यालय में सीएम वीरभद्र को आया गुस्सा, संचालक से पूछा..
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कांग्रेस कार्यालय के सभागार में मंच खाली देखकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह गुस्से में आ गए। संचालक सभागार में बैठे मंत्रियों के नाम का संबोधन कर रहे थे। इस बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सीट पर खड़े होकर संचालक की ओर इशारे करते हुए बोले - जिनका नाम ले रहे हो, क्या वह सब हैं? ऐसे में संचालक ने मंत्रियों और विधायक की ओर इशारे करते हुए कहा सर... यह सब बैठे हैं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मंच पर पहले अपने नाम की प्लेट देखते रहे। फिर उनकी नेम प्लेट के साथ रखी गई प्रदेश प्रभारी सुशील कुमार शिंदे की नेम प्लेट देखी। इस बीच सीएम को बताया गया कि शिंदे बीच में बैठेंगे, दूसरी तरफ आप हैं। बड़े नेताओं में सबसे पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सभागार में पहुंचे।
स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह, जीएस बाली सीएम के आने के पांच मिनट बाद सभागार में पहुंचे। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुशील कुमार शिंदे पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ मंच पर आए। सरकार और पार्टी के बीच चल रही खींचतान को लेकर शिंदे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और प्रदेशाध्यक्ष से बराबर बात करते नजर आए।
सीएम के साथ सभागार नहीं आए सुक्खू
पार्टी के इस कार्यक्रम में सुखविंद्र सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ सभागार तक नहीं आए। सभागार में लोग आपस में बात कर रहे थे कि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष को पहले सीएम के साथ सभागार में आना चाहिए था। इसके बाद सुक्खू शिंदे के स्वागत के लिए कार्यालय के पार्किंग फ्लोर पर जा सकते थे।
बाली ने की नमस्ते, वीरभद्र ने नहीं दिया जवाब
मुख्यमंत्री मंच पर बैठे थे, बाली सभागार में आए और विधायकों से हाथ मिलाए। उसके बाद उन्होंने वीरभद्र सिंह को नमस्ते की। लेकिन सीएम ने इस पर जवाब नहीं दिया। बाली भी आगे बढ़े और अपनी सीट पर बैठ गए।