सीएम वीरभद्र सिंह को फिर मिली दिल्ली हाईकोर्ट से राहत
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आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और अन्य को एक बार फिर राहत मिल गई। हाईकोर्ट ने सीबीआई के उस तर्क को खारिज कर दिया कि वीरभद्र से पूछताछ व गिरफ्तारी पर रोक को हटाने के मुद्दे पर तुरंत सुनवाई की जाए। दरअसल, सीबीआई ने तर्क रखा था कि इस मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा सिंह की गिरफ्तारी या पूछताछ पर रोक लगाने के कारण जांच रुकी हुई है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी के समक्ष सीबीआई की और से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) पीएस पाटवालियां ने कहा कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अक्तूबर 2015 को दिए अंतरिम आदेश में वीरभद्र सिंह को गिरफ्तार करने, पूछताछ और मामले में सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने पर रोक लगा रखी है।
दलील- आदेश की आड़ में सूबतों को नष्ट कर रहे हैं वीरभद्र
आदेश की आड़ में वे साक्ष्यों को नष्ट कर रहे हैं। अदालत से आग्रह किया कि वे हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करने या फिर संशोधन करने के लिए आवेदन पर तुरंत सुनवाई चाहते हैं। वे आज ही इस मुद्दे पर जिरह करने को तैयार हैं। वहीं दूसरी तरफ वीरभद्र सिंह की और से वरिष्ठ अधिवक्ता पेश नहीं हुए और उन्होंने सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया। सीबीआई के अधिवक्ता
ने तुरंत सुनवाई का आग्रह किया लेकिन अदालत के सहमत न होने पर उन्होंने आग्रह किया कि सुनवाई के शॉर्ट तिथि दी जाए। अदालत ने सीबीआई के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि वे शॉर्ट देने में असमर्थ है और अदालत की डायरी को देखकर ही खाली डेट दे सकती है। अदालत ने मामले की सुनवाई 4 अप्रैल तय कर दी।