आखिर मान गए सीएम, स्टोक्स की पसंद का बनाया निदेशक
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विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपनी कैबिनेट की वरिष्ठ मंत्री विद्या स्टोक्स का पसंदीदा बागवानी निदेशक नियुक्त कर इस मसले पर पैदा हुआ विवाद खत्म कर दिया है। उन्होंने स्टोक्स की बात मानते हुए डा. हेमराज शर्मा को नया बागवानी निदेशक बना दिया।
कार्यवाहक बागवानी निदेशक डा. एचएस बावेजा को प्रदेश कृषि उत्पाद मार्केटिंग बोर्ड में नियमित प्रबंध निदेशक के पद पर नियुक्ति देकर उन्हें भी संतुष्ट कर दिया। पिछले कुछ समय से मंत्री स्टोक्स बागवानी निदेशक पद पर विभागीय अधिकारी की नियुक्ति का मामला उठा रही थीं।
डा. बावेजा की सीएम कार्यालय में अच्छी पैठ होने के कारण वे इस पद पर बने हुए थे। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान स्टोक्स अपने पसंदीदा प्रधान सचिव जेसी शर्मा को बदलने पर नाराज हो गई थीं। उन्होंने सीएम के समक्ष इसका विरोध किया था।
बाद में प्रधान सचिव की उन्होंने बहाली करवा दी। बागवानी निदेशक पद पर भी विभागीय अधिकारी की नियुक्ति को दबाव बनाया था। डा. एचएस बावेजा बागवानी विश्वविद्यालय से प्रतिनियुक्ति पर आए हैं। वे मार्केटिंग बोर्ड में भी बतौर एमडी नियमित रूप से नियुक्त नहीं थे। उनके पास बागवानी निदेशक का कार्यभार था।
अब वे नियमित रूप से मार्केटिंग बोर्ड के एमडी होंगे। कार्मिक विभाग ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। डा. हेमराज शर्मा के पास बागवानी निदेशक के अलावा प्रदेश नर्सरी विकास एवं प्रबंध सोसाइटी के एमडी का प्रभार भी रहेगा। वे बागवानी महकमे के ही वरिष्ठ अधिकारी हैं। वीरभद्र विरोधी खेमा पहले ही उनके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, इस कारण सीएम वरिष्ठ मंत्री की नाराजगी नहीं झेलना चाहते थे।
प्रो. नारटा बने एचपीयू के नए कुलसचिव
प्रदेश विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज (यूसीबीएस) के निदेशक प्रो. सुरेंद्र सिंह नारटा अब नए कुलसचिव होंगे। प्रदेश सरकार ने पूर्व कुलसचिव डॉ. पंकज ललित के स्थानांतरण के बाद नारटा को नए कुलसचिव बनाए जाने के आदेश जारी किए है। प्रो. नारटा ने मंगलवार दोपहर बाद कुलसचिव का पदभार संभाल लिया है।
प्रो. नारटा 25 साल से विवि के वाणिज्य विभाग में अध्यापन का काम कर रहे हैं। पांच साल से वे यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस स्टडीज एवालॉज में बतौर निदेशक का काम देख रहे थे। उन्होंने अपनी सात शोध परियोजनाओं को पूरा किया है।
75 से अधिक शोध पत्र के साथ-साथ 15 पुस्तकों को भी प्रकाशित कर चुके हैं। 100 से अधिक राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और अधिवेशनों में अध्यक्ष के रुप में कार्य किया है। प्रो. नारटा विभिन्न विश्वविद्यालयों में चयन समिति के सदस्य भी रहे हैं।
कौन होगा यूसीबीएस का निदेशक
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज (यूसीबीएस) के निदेशक रहे प्रो. नारटा के कुलसचिव बन जाने के बाद अब विवि प्रशासन को इस संस्थान के निदेशक की जिम्मेदारी किसी वरिष्ठ शिक्षक को देनी पड़ेगी। कुलसचिव बनने पर वे इस दोहरी जिम्मेदारी को नहीं संभाल पाएंगे।
ये होंगी नए कुलसचिव के सामने चुनौतियां
विवि के नए कुलसचिव बने प्रो. नारटा के सामने विज्ञापित शिक्षकों के 95 पदों की भर्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने, विवि में ईआरपी एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग प्रोजेक्ट (विवि कंप्यूटरीकरण) को आगे बढ़ाने के साथ ही रूसा की खामियों को दूर करने, हिमालयन संस्थान के अलग बने विभाग के चार कोर्स के छात्रों की समस्याओं को हल करने, विवि की मल्टी फैकल्टी भवन का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा करवाने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारी भी संभालनी होगी। प्रो. नारटा ने कहा कि वे विवि समुदाय, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों और छात्रों के साथ मिलकर काम करेंगे।