Shimla News: सीएम सुक्खू बोले- पूर्व भाजपा सरकार की देनदारियां चुकाने के लिए लेना पड़ रहा ऋण
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 11,000 करोड़ रुपये की कर्मचारियों की देनदारियां हैं। यानी 86 हजार करोड़ रुपये की तो कुल देनदारियां ही हैं, जो उन्हें चुकानी हैं। नए खोले 900 संस्थानों पर 5,000 करोड़ खर्च होने हैं। कुल देनदारियां 91 हजार करोड़ रुपये की हैं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार का कर्ज चुकाने के लिए वर्तमान सरकार ऋण ले रही है। सरकार सत्ता नहीं, व्यवस्था परिवर्तन के लिए आई है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ठीक करने में चार साल लग जाएंगे। कौन सी गलत बात की है। इसके आंकड़े हैं और सबको आरटीआई डालनी चाहिए। पिछली सरकार ने 75 हजार करोड़ का कर्ज सरकार पर चढ़ाया है। सीएम ने सोमवार को शिमला पहुंचने पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत की। सीएम ने कहा कि 11,000 करोड़ की उन्हें कर्मचारियों की देनदारी है। यानी, 86 हजार करोड़ की तो कुल देनदारियां ही हैं, जो उन्हें चुकानी हैं। नए खोले 900 संस्थानों पर 5,000 करोड़ खर्च होने हैं।
कुल देनदारियां 91 हजार करोड़ हैं। उन्होंने हिमाचल को ठगा है। सुक्खू बोले, उन्होंने सीएम का पद संभाला तो सारा आकलन किया गया। पिछली सरकार में छठा वेतन आयोग लागू कर दिया गया। इसका एरियर नहीं दिया। सरकार महंगाई भत्ता भी नहीं दे पाई। वर्तमान सरकार ने बजट का प्रावधान कर पहले ओपीएस का इंतजाम किया। इसे लागू कर दिया गया है। कोई इंतजार नहीं है। नौ गारंटियां हैं, जिन्हें पांच साल में पूरा करना है। इन्होंने कभी भी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश नहीं की। हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग का मामला गंभीर है।
कर्मचारी चयन आयोग को लेकर फैसला भविष्य है गर्भ में
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को लेकर क्या फैसला होगा, यह अभी भविष्य के गर्भ में है। सीएम सुक्खू ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि जिन भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट लीक नहीं हुए थे, उनके भी प्रश्नपत्र बेचे गए। यह बहुत गंभीर मामला है। इस तरह की गंभीर समस्या से निपटने के लिए सरकार प्रयासरत है। आने वाले समय में एक पारदर्शी भर्ती फॉर्मूला लेकर आएंगे।
बीते दिन सीधी बात भी करवाने में सरकार का ही दबाव था : सुक्खू
सुक्खू ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री बनने के चार दिन बाद अदाणी की सीमेंट फैक्ट्री बंद हो गई। उसके बाद किराये का मामला ट्रक ऑपरेटर और सीमेंट ग्रुप के बीच चल रहा है। पिछले 40-45 दिन से प्रयास किया गया। बीते दिन सीधी बात भी करवाने मेें सरकार का ही दबाव था। सरकार ने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों के हितों को नुकसान नहीं होने देंगे। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की जिम्मेवारी लगाई है। जल्दी इस समस्या का समाधान होगा।
इंतजार किसी बात का नहीं, अपना-अपना काम करने का है तरीका : सुक्खू
इससे पहले हमीरपुर में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में सैकड़ों कार्यालयों को बंद करने के विरोध में भाजपा के हस्ताक्षर अभियान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तंज कसा, विपक्ष का दायित्व कुछ न कुछ करना है। सत्ता में रहते पूर्व भाजपा सरकार ने पांच साल में खुद तो कुछ नहीं किया। कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद व्यवस्था परिवर्तन के लिए कार्य कर रही है। नादौन प्रवास के दौरान सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में सुक्खू ने कहा कि ऐसे में भाजपा नेता कुछ न कुछ बोलकर महज विरोध कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल के कांग्रेस सरकार के इंतजार का दिलासा देने के बयान पर सुक्खू ने कहा कि पूर्व सीएम धूमल खुद प्रशासनिक व्यवस्था को समझते हैं। वह यह भी समझते हैं कि बजट का प्रावधान करना पड़ता है। कांग्रेस सरकार ने पहली गारंटी पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया है। अगले 9 गारंटी के लिए बजट का प्रावधान किया जा रहा है। सरकार अपनी 10 गारंटी को हर हालत में पूरा करेगी। इंतजार किसी बात का नहीं है, बल्कि अपना-अपना काम करने का तरीका होता है।
इससे पहले सुक्खू पत्नी कमलेश ठाकुर के साथ सोमवार सुबह ज्वाला जी शक्तिपीठ में माथा टेकने पहुंचे। मुख्यमंत्री 12:30 बजे नादौन पहुंचे। लोनिवि विश्राम गृह और मिनी सचिवालय नादौन में लोगों की समस्याएं सुनीं। एक जरूरी बैठक के कारण उन्हें करीब 2:00 बजे नादौन दौरा बीच में छोड़कर हेलिकाप्टर से शिमला जाना पड़ा। उन्होंने शिमला जाते हुए कहा कि वह सोमवार शाम को करीब 6:00 बजे तक वापस नादौन पहुंचकर लोगों से मिलेंगे। उन्होंने रविवार को भी नादौन में लोगों की समस्याएं सुनीं।