Himachal: बारिश की चेतावनी को अनसुना कर सीएम ने थुनाग में प्रभावितों के साथ बिताई रात, सुबह पैदल देजी पहुंचे
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बीती रात सराज विधानसभा क्षेत्र के आपदा प्रभावित लोगों के साथ थुनाग विश्राम गृह में बिताई। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के दुख-दर्द को साझा करते हुए उनके साथ संवाद किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
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प्रशासन की सलाह न मानते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को सराज विधानसभा क्षेत्र के आपदा प्रभावित लोगों के साथ थुनाग विश्राम गृह में रात बिताई। यहां पर राहत शिविर स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के दुख-दर्द को साझा करते हुए उनके साथ संवाद किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
#WATCH | Himachal Pradesh: Aftermath of the recent cloudburst, heavy rains and flash floods in Thunag, Mandi district.
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More than 85 people have been killed in the state in the calamity, including 17 in Mandi; over 35 still missing. Several people have been rendered homeless.… pic.twitter.com/9m2n1qmuXlविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 10, 2025
रीला से देजी और पखरैर गांव तक पैदल पहुंचे मुख्यमंत्री
वहीं सीएम सुक्खू गुरुवार सुबह काफिला बीच में छोड़ आपदा प्रभावित रीला से देजी और पखरैर गांव तक पैदल पहुंचे। यहां से आगे जाने वाली सड़क का कई मीटर हिस्सा बादल फटने से गायब हो गया है। देजी गांव में बादल फटने से 11 लोग लापता हैं। सीएम ने रीला गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। सीएम ने कहा कि किस तरह से आपदा ने हमारे सुंदर प्रदेश को गहरे जख्म दिए हैं। देजी और पखरैर में कई परिवारों ने अपनों को खोया है। सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों का तुरंत सर्वेक्षण हो और किसी का भी हक न मारा जाए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम के साथ डीसी मंडी, एसपी सहित कई कांग्रेस नेता भी माैजूद रहे। इसके बाद सीएम ने बाड़ा पंचायत का दौरा किया और बाड़ा राहत शिविर में आपदा प्रभावितों से मिलने के बाद उनके साथ भोजन भी किया।
मौसम विभाग ने क्षेत्र में रात दो बजे के बाद भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। इसे देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र में न रुकने की सलाह दी थी। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक अधिकारी उनसे बार-बार थुनाग में न रुकने का आग्रह करते रहे। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों के बीच रहकर उन्हें संबल प्रदान करने और उनकी पीड़ा को साझा करने का निर्णय लिया।
#WATCH | Himachal Pradesh: Aftermath of the recent cloudburst, heavy rains and flash floods in Thunag, Mandi district.
— ANI (@ANI) July 10, 2025
More than 85 people have been killed in the state in the calamity, including 17 in Mandi; over 35 still missing. Several people have been rendered homeless.… pic.twitter.com/QQB1vNJwqg
थुनाग विश्राम गृह मंडी जिले का सबसे बड़ा राहत शिविर है, जिसमें इस समय 130 आपदा प्रभावितों ने शरण ली है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले इन प्रभावितों से बातचीत की, उनके हालचाल जाने और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का स्वयं निरीक्षण भी किया। बता दें, मंडी जिले के थुनाग में हाल ही में बादल फटने से व्यापक तबाही हुई है और कई लोग बेघर हो गए हैं। इस आपदा में राज्य में 85 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें मंडी में 17 लोग शामिल हैं। 35 से ज़्यादा लोग अभी भी लापता हैं। कई लोग बेघर हो गए हैं। सैकड़ों लोग अलग-अलग आश्रय गृहों में रह रहे हैं।
#WATCH | Himachal Pradesh | Widespread damage in Mandi district's Thunag after a recent cloudburst wreaked havoc and left several people homeless
— ANI (@ANI) July 10, 2025
More than 85 people have been killed in the state in the calamity, including 17 in Mandi; over 35 still missing. Several people have… pic.twitter.com/7crkVw18PN
25 वर्षों की सारी कमाई खत्म हो गई: दुकानदार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों की हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को संदेश भी दिया कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता दिखाने और सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र प्रभावितों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित थुनाग के एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, 'मैं पिछले 25 वर्षों से थुनाग में दुकान चला रहा हूं। आज मेरी 25 साल की सारी कमाई खत्म हो गई है। 50-60 लाख रुपये का सामान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। कुछ भी नहीं बचा है। मेरा घर भी क्षतिग्रस्त हो गया है। सरकार की ओर से अभी तक कोई भी नुकसान का आकलन करने नहीं आया है।'
मंडी के थुनाग में स्थापित सामुदायिक रसोईघर बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध करा रहा है।#WATCH | Himachal Pradesh | A local shopkeeper from cloudburst and flash flood-affected Thunag, says, " I have run a shop in Thunag for the last 25 years. Today, I have lost all the earnings I made over the past 25 years. Goods worth Rs 50-60 lakhs are completely damaged. Nothing… pic.twitter.com/KmOaw3WyAD
— ANI (@ANI) July 10, 2025
#WATCH | Himachal Pradesh: A community kitchen set up in Mandi's Thunag is feeding people affected by cloudburst and flash floods here pic.twitter.com/GsnPsVLXmM
— ANI (@ANI) July 10, 2025
बच्चों ने मुख्यमंत्री से पूछा, हमारे स्कूल कब खुलेंगे
मुख्यमंत्री सुखविद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को सराज विधानसभा क्षेत्र के बाड़ा पंचायत घर और जलशक्ति विभाग की निरीक्षण कुटीर स्थित अनाह गांव के आपदा राहत शिविर का दौरा किया। उन्होंने यहां पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और शिविर में रह रहे प्रभावित बच्चों के साथ लंच किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से आपदा में बह गए उनके घरों के बारे में पूछा। इस दौरान बच्चे मुख्यमंत्री से तपाक से बोले, हमारे स्कूल कब खुलेंगे। बच्चों की यह बात सुनकर मुख्यमंत्री ने डीसी मंडी से जाना कि स्कूल कब तक बंद हैं। डीसी ने उन्हें बताया कि आपदा के कारण 14 जुलाई तक स्कूल बंद रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने डीसी को हालात की समीक्षा करने के बाद स्कूल खोलने के निर्देश दिए। सुक्खू ने बच्चों से पूछा कि वे स्कूल जाना चाहते हैं तो सबने हां कहा। इस पर उन्होंने कहा, जल्दी आपके स्कूल खोल दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातों-बातों में राहत शिविर में सुविधाओं की टोह भी ली। बच्चों ने कहा, कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वे अपने घर जाना चाहते हैं। रेस्ट हाउस में नहीं रहना चाहते। मुख्यमंत्री बच्चों से बोले कि घर तो अब रहा नहीं फिर कैसे रहेंगे। इस पर बच्चे बोले कि टैंट में रह लेंगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें समझाया कि टैंट में नहीं रह सकते। सुक्खू ने बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि वह घर बनाकर देंगे। चिंता नहीं करनी। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने आसपास बिठाकर खाना खाया व उन्हें सलाद दिया। उनके साथ ढेर सारी बातें कीं, उनसे आपबीती सुनी और अपनेपन का अहसास करवाया। बेटियों ने खाना खाने के बाद कहा कि उन्हें यह लगा ही नहीं कि वे मुख्यमंत्री के साथ बैठकर लंच कर रही थीं। मुख्यमंत्री जी ने उनके साथ बड़े प्यार से बातचीत की और घर, आपदा व पढ़ाई के बारे में जाना।
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