Himachal: सीएम सुक्खू बोले- हिमाचल के अस्पतालों में कैंसर मरीजों को मिलेंगी 42 तरह ही दवाएं निशुल्क
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को स्टेट एडवाइजरी बोर्ड ऑन कैंसर एंड पैलिएटिव केयर प्रोग्राम की बैठक में यह घोषणा की।
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हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में कैंसर पीड़ितों को 42 प्रकार की दवाइयां अब मुफ्त मिलेंगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को स्टेट एडवाइजरी बोर्ड ऑन कैंसर एंड पैलिएटिव केयर प्रोग्राम की बैठक में यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों में कैंसर के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। हिमाचल कैंसर के मामलों में देश में दूसरे स्थान पर आ गया है, यह चिंता का विषय है। कैंसर के मरीजों के लिए मुफ्त दवाइयां बड़ी राहत होगी है। सुविधा सिर्फ सरकारी अस्पतालों में मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में कैंसर के मरीजों को मुफ्त मिलने वालीं 42 तरह की दवाइयों को राज्य की अनिवार्य दवा सूची में शामिल किया गया है।
दवाइयों में कैंसर उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाला ट्रैस्टुजुमाब टीका भी शामिल है। टीके की कीमत करीब 40 हजार रुपये है। ब्रेस्ट कैंसर के मरीज को इलाज के लिए साल में ऐसे 18 टीकों की जरूरत पड़ती है। यह टीका उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक मरीज पर सरकार लगभग सात लाख रुपये व्यय करेगी। दवाइयां सरकारी अस्पतालों में लोगों के घर-द्वार के समीप उपलब्ध करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 300 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए। इसमें 75 करोड़ से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कैंसर केयर हमीरपुर की आधारभूत संरचना, 75 करोड़ रुपये चमियाणा शिमला में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा और 150 करोड़ रुपये से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हमीरपुर में विश्व स्तरीय कैंसर उपचार उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे।
27 अस्पतालों और सीएचसी में कैंसर डे केयर सेंटर जल्द
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कैंसर डे-केयर सेंटर चरणबद्ध तरीके से स्थापित कर रही है। प्रथम चरण में प्रदेश के 13 अस्पतालों में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं। दूसरे चरण में 27 हाई लोड सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेंटर स्थापित होंगे। तीसरे चरण में 28 संस्थानों में डे-केयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। कैंसर डे-केयर केंद्रों में पैलिएटिव केयर यूनिट भी स्थापित किए जाएंगे। हमीरपुर में स्थापित किए जाने वाले कैंसर केयर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विश्वस्तरीय तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यहां न्यूक्लियर मेडिसन का विशेष विभाग स्थापित किया जाएगा। इसमें बड़ी क्षमता की न्यूक्लियर लैब और साइक्लोट्रॉन उपलब्ध होगा।
चमियाणा में किया जाएगा कैंसर के मामलों पर अध्ययन
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल सुपर स्पेशियलिटी संस्थान चमियाणा में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा आरंभ होगी। राज्य में जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री आरंभ की जाएगी। इसमें कैंसर के मामलों व संख्या का अध्ययन किया जाएगा। कैंसर के मामलों की स्क्रीनिंग के लिए एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, एनएचएम की मिशन निदेशक प्रियंका वर्मा आदि मौजूद रहे।