Shimla: मुख्यमंत्री सुक्खू ने पर्यटक सूचना केंद्र का निरीक्षण किया, आईजीएमसी डाॅक्टर की बर्खास्तगी पर ये कहा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रतिवर्ष पांच करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ नई पहलें और बहुआयामी प्रयास किए जा जा रहे हैं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को मालरोड स्थित पर्यटक सूचना केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत की और दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देवभूमि में पधारने वाले पर्यटकों को कोई भी असुविधा नहीं होनी चाहिए। पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। इस क्षेत्र को सुदृढ़ करने से आर्थिकी को संबल मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रतिवर्ष पांच करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ नई पहलें और बहुआयामी प्रयास किए जा जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रिज और मालरोड पर पर्यटकों से बातचीत भी की। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आईजीएमसी शिमला में हुई घटना की पूर्ण जांच के बाद कार्रवाई की गई है। प्रदेश सरकार ने चिकित्सकों, विशेष रूप से सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों के हित में विभिन्न कदम उठाए हैं। आईजीएमसी में चिकित्सकों की सुविधा के दृष्टिगत भी जरूरी उपाय करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) एवं अस्पताल शिमला में डॉक्टर ने मरीज के साथ जो किया, वह गलत था। डॉक्टर को ऐसा व्यवहार शाेभा नहीं देता। मरीज के लिए डॉक्टर भगवान होता है और वह बेहतर इलाज की आशा में अस्पताल आता है। इस मामले में सरकार डॉक्टरों का पक्ष भी देख रही है। उनकी सुरक्षा का ध्यान भी रखा जाएगा। मरीज के साथ अस्पताल आने वाले तीमारदारों की संख्या कितनी हो, स्वास्थ्य अधिकारी इसे तय करें। सीएम ने इसके लिए अधिकारियों को अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि सरकार ने अस्पतालों में एसआरशिप की ड्यूटी 48 से कम कर 12 घंटे कर उनका तनाव घटाया है। वहीं, एसआरशिप का स्टाइपेंड 65 हजार से बढ़ाकर एक लाख किया। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी की अनुशासन कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो क्लिप में डॉक्टर उस मरीज पर अटैक करते दिखाई दे रहा है। डॉक्टरों ने भी कहा है कि उनके पास एक और वीडियो है। सीएम ने कहा कि डाॅक्टर चाहे किसी भी परिस्थिति में हो, वह शिकायत कर सकता था। आईजीएमसी प्रशासन ने जो रिपोर्ट दी, उस पर कार्रवाई की। चिकित्सकों के आंदोलन की चेतावनी पर सीएम ने कहा कि लोकतंत्र में धमकी की बात नहीं होती है, उनकी बात सुनी जाएगी। अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर उन्हें याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह निश्चित रूप में आदर्शवादी नेता थे। एक कवि के रूप में उनकी अपनी पहचान थी। लोकतंत्र की मजबूती के लिए उन्होंने काम किया। सबको उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।