Himachal: सीएम सुक्खू बोले- चंबा में बनेगा पहला ग्रीन हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी स्टेशन
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के समापन समारोह की वर्चुअल अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने 120.44 करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने इस मौके पर 120.44 करोड़ रुपये की लागत की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। इस अवसर पर राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे।
सुक्खू ने मिंजर मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतिकूल मौसम के कारण वह व्यक्तिगत रूप से मिंजर मेले के समापन समारोह में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने मिंजर मेले के सफल आयोजन के लिए क्षेत्र के लोगों और जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। सोमवार को मुख्यमंत्री सुक्खू ने चंबा में प्रदेश के प्रथम ग्रीन हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी स्टेशन का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह स्टेशन ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी क्षेत्र में प्रदेश का मार्ग प्रशस्त करेगा।

प्रदेश सरकार की इस महत्त्वाकांक्षी हरित पहल का निर्माण नेशनल हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन की ओर से 14 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा और अगस्त 2025 तक इस परियोजना के पूरा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना एनएचपीसी चमेरा-3 पावर स्टेशन के निकट स्थापित की जाएगी और ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति के लिए इसे 300 किलोवाट ग्रिड के सौर ऊर्जा संयंत्र से जोड़ा जाएगा।
यह संयंत्र प्रतिदिन 20 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादित करेगा और ग्रीन हाइड्रोजन बस में भरने के लिए 450 बार या इससे अधिक के दबाव से संग्रहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बस सुविधा के लिए एक हाइड्रोजन डिस्पेंसर यूनिट भी स्थापित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस नवीन पहल के माध्यम से क्षेत्र में पहली बार ग्रीन हाइड्रोजन बसों की शुरुआत की जाएगी और प्रदेश सरकार की इस नवोन्मेषी पहल से भारत के दुर्गम क्षेत्रों में ग्रीन हाइड्रोजन के प्रति जागरूकता फैलाने में मदद मिलेगी।
इस संदर्भ में एनएचपीसी ने चंबा के लिए एक ग्रीन हाइड्रोजन बस खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर ली है, उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में 31 मार्च 2026 तक स्थापित करने के लक्ष्य की पूर्ति के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार हरित ऊर्जा विकल्पों का समुचित दोहन सुनिश्चित कर रही है और हरित ऊर्जा उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
--
विधायक नीरज नैयर ने चंबा जिला की विकासात्मक जरूरतों को पूरा करने और करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं को समर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपायुक्त चंबा मुकेश रेपस्वाल, पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी चंबा से ऑनलाइन जुड़े थे।