Himachal Day 2023: लाखों कर्मचारियों-पेंशनरों को 11% महंगाई भत्ते की आस
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से लाहौल-स्पीति जिला के लिए कई घोषणाएं करने की उम्मीद भी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शिमला। हिमाचल दिवस का राज्य स्तरीय समारोह शनिवार को लाहौल-स्पीति के काजा में होगा। प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को 11 फीसदी देय महंगाई भत्ते की किस्त मिलने की आस है। शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से लाहाैल-स्पीति जिले के लिए कई घोषणाएं करने की उम्मीद भी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुक्खू अपने दो दिवसीय प्रवास के लिए काजा पहुंचे। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू सहित कई अन्य उच्च अधिकारी भी समारोह में शामिल होने के लिए काजा गए हैं।
उधर, विस अध्यक्ष कुलदीप पठानिया चंबा, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री नाहन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल हमीरपुर, कृषि मंत्री चंद्र कुमार धर्मशाला, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ऊना और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी बिलासपुर में जिला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करेंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर शिमला, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह सोलन, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह मंडी में होंगे। ब्यूरो
स्पीति घाटी के रंग में रंगे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू स्पीति घाटी के अपने पहले प्रवास के दौरान घाटी के रंग में रंगे नजर आए। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने जूले कहकर की, जिसका हिंदी में अर्थ है नमस्ते। जूले कहते ही स्थानीय लोगों ने जोरदार तालियां बजाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद स्थानीय निवासियों ने पारंपरिक परिधान छूबा पहनाकर उनका स्वागत भी किया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर को भी स्पीतिवासियों ने पारंपरिक परिधान पहनाया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनकी धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर ने पारंपरिक परिधान में ग्रामीणों के साथ लोकनृत्य भी किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्थानीय संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों में गहरी रुचि दिखाई और कलाकारों की खुले मन से प्रशंसा की। उन्होंने कलाकारों को सम्मानित किया और सभी स्पीतिवासियों को अपनी प्राचीन एवं अनूठी संस्कृति के संरक्षण के लिए बधाई भी दी।