फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   cm sukhvinder singh sukhu deputy cm mukesh agnihotri and cabinet minister vikramaditya singh visit to Delhi

Himachal News: कई चुनौतियों के बीच अब हिमाचल कांग्रेस नेताओं की फिर दिल्ली दौड़

Mon, 06 Feb 2023 10:46 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 06 Feb 2023 10:46 AM IST
सार

कांग्रेस के तीनों प्रमुख नेताओं के दिल्ली दौरे तय होते ही सियासी गलियारों में हलचल शुरू हो गई है। पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को लागू करना और सीमेंट प्लांटों पर तालाबंदी से निपटना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

विज्ञापन
cm sukhvinder singh sukhu deputy cm mukesh agnihotri and cabinet minister vikramaditya singh visit to Delhi
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कई चुनौतियों के बीच हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के नेताओं की अब दिल्ली दौड़ फिर शुरू हो गई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिह सुक्खू 7 फरवरी को नई दिल्ली जा सकते हैं। वहीं, मंत्री विक्रमादित्य सिंह पहले ही पहुंच गए हैं। 9 फरवरी को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का भी नई दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से प्रदेश के मौजूदा हालात पर ये नेता मंथन करेंगे। कांग्रेस के राज्य प्रभारी राजीव शुक्ला से भी इन नेताओं की मुलाकात संभावित है। 10 फरवरी को गोवा में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के बेटे की शादी है। हालांकि, सीएम वहां भी जा सकते हैं।

विज्ञापन


कांग्रेस के तीनों प्रमुख नेताओं के दिल्ली दौरे तय होते ही सियासी गलियारों में हलचल शुरू हो गई है। पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को लागू करना और सीमेंट प्लांटों पर तालाबंदी से निपटना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मिशन 2024 के लिए आक्रामक होती भाजपा के खिलाफ भी कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व हिमाचल सरकार के नेताओं को विशेष निर्देश जारी कर सकता है। हालांकि लोक निर्माण और खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने 8 फरवरी को भोपाल में खेलो इंडिया कार्यक्रम में भाग लेना है।
विज्ञापन


जनता पर बोझ डालने की तैयारी से संतुष्ट नहीं केंद्रीय नेतृत्व
मुख्यमंत्री सुक्खू हिमाचल की अर्थव्यवस्था पटरी पर लाने के लिए बार-बार दोहरा रहे हैं कि कड़े फैसले लेने होंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस सरकार की जनता पर बोझ डालने की इस तैयारी से पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व संतुष्ट नहीं है। ऐसे में इन नेताओं से इस पर भी केंद्रीय नेतृत्व चर्चा कर सकता है। मसला यह है कि जनता पर वित्तीय बोझ डालने के काेई भी कड़े फैसले लोकसभा चुनाव में सरकार के लिए चुनौती बन सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed