Una: सीएम सुक्खू बोले- आपदा में भाजपा नेता करते रहे नेतागिरी, हमने उजड़े घर बसाए
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और उनके साथी विधायक विधानसभा सत्र बुलाने के लिए चीखते रहे, लेकिन हम प्रदेश की आपदा प्रभावित जनता के साथ खड़े रहे।
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश जब आपदा के दौर से गुजर रहा था तो भाजपा नेता केवल नेतागिरी करते रहे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने आपदा में उजड़े घर बसाने का फैसला किया। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और उनके साथी विधायक विधानसभा सत्र बुलाने के लिए चीखते रहे, लेकिन हम प्रदेश की आपदा प्रभावित जनता के साथ खड़े रहे। मुख्यमंत्री सुक्खू ने गगरेट विधानसभा क्षेत्र के भंजाल में आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम में कहा कि भाजपा के नेता आपदा के समय राजनीति करते रहे। विधानसभा सत्र में तीन दिन आपदा पर चर्चा हुई। भाजपा विधायकों की ओर से बड़ी-बड़ी बातें की गई। हमने कहा कि आप आपदा प्रभावित परिवारों का साथ देने के लिए उनके पक्ष में मत डालिए। लेकिन भाजपा नेताओं ने इनकार कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के स्थानीय नेताओं ने केंद्र सरकार से प्रदेश के लिए आर्थिक सहायता के लिए उनके साथ जाने से मना कर दिया। सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों और बजट से 4500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। उन्होंने कहा कि आपदा से उबरने के लिए वह दिल्ली में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मिले और बात रखी। लेकिन भाजपा के स्थानीय सांसद क्यों नहीं अपने केंद्रीय मंत्रियों और प्रधानमंत्री से मिले। केवल राजनीतिक रोटियां सेंकते रहे। चुनाव के समय बड़े वादे किए। लेकिन वे बताएं आपदा के समय कहां थे। हमने संघर्ष किया और आगे बढ़ रहे हैं।
आपदा में क्षतिग्रस्त मकानों के लिए नियम बदला
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में क्षतिग्रस्त घरों को जब उनकी सरकार ने दोबारा बसाने का निश्चय किया तो पूर्व भाजपा सरकार का कानून आड़े आ गया। इसमें आपदा से घर बर्बाद होने पर डेढ़ लाख रुपये का प्रावधान था। इतने बजट में तो एक शौचालय तक नहीं बनता। हमने लोगों को लाभ देने के लिए कानून बदला और डेढ़ लाख की सहायता राशि को बढ़ाकर सात लाख रुपये किया। सरकारी दर पर सीमेंट भी देने के फैसला लिया। ऐसे परिवारों को बिजली व पानी का कनेक्शन भी मुफ्त दिया जा रहा है
पांचवीं कक्षा के बच्चे दूसरी कक्षा के सवालों के जवाब नहीं दे पाते
मुख्यमंत्री ने कहा शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश देशभर में 18वें रैंक पर पहुंच गया और यह पूर्व भाजपा सरकार की देन है। पांचवीं कक्षा के बच्चे दूसरी कक्षा के सवालों के जवाब नहीं दे पाते। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों के अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक विकास किया जाएगा। सुखविंद्र सुक्खू ने अग्निवीर भर्ती को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हिमाचल के हजारों युवा सेना में सेवाएं देते हैं। 21 परमवीर चक्र में से चार हिमाचल के वीरों को मिले हैं। केंद्र अब सेना की भर्ती चार साल के लिए कर दी और उसके बाद 75 प्रतिशत जवान घर लौटकर बेरोजगार हो जाएंगे।
तीन माह में किए 65 हजार इंतकाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले विभागों में किसी जरूरी कार्य को लेकर फाइल भेजी जाती थी तो नियमों का हवाला देकर लौटा दी जाती। तकसीम जैसे जरूरी काम के लिए लोगों को तारीख पर तारीख मिलती थी और कार्यालयों के चक्कर काटते लोगों की चप्पल तक घिस जाती थी। सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि हमने राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक की और इससे जुड़ा नियम बदला। कहा कि बीते तीन माह में करीब 65 हजार इंतकाल और लगभग 4000 तकसीम हो चुकी हैं।