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Himachal CM: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- शिमला में पेड़ रहित जमीन पर ही निर्माण कार्यों को देंगे अनुमति
Sun, 21 Jul 2024 06:44 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 21 Jul 2024 06:44 PM IST
सार
रविवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शिमला विकास योजना 2041 के अंतर्गत हरित क्षेत्र में आवासीय निर्माण को नियोजित किया जाएगा। इसके तहत वृक्ष रहित भूखंडों पर ही निर्माण कार्यों की अनुमति मिलेगी। हरे या सूखे पेड़ों वाली भूमि को हरित भूखंड के रूप में नामित किया जाएगा, जिस पर निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के वन आच्छादित क्षेत्रों को विस्तार देने और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत प्रदेश सरकार निरंतर प्राथमिकता से कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने शिमला नियोजन क्षेत्र के अंतर्गत शहर और उप नगरों के लिए शिमला विकास योजना में संशोधन किया है। इसके तहत शिमला में पेड़ रहित जमीन पर ही निर्माण कार्यों को अनुमति दी जाएगी।
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रविवार को जारी बयान में सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार शिमला के सतत विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सरकार की इस पहल से भूमि कटाव कम करने और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। शिमला विकास योजना 2041 के अंतर्गत हरित क्षेत्र में आवासीय निर्माण को नियोजित किया जाएगा। इसके तहत वृक्ष रहित भूखंडों पर ही निर्माण कार्यों की अनुमति मिलेगी। हरे या सूखे पेड़ों वाली भूमि को हरित भूखंड के रूप में नामित किया जाएगा, जिस पर निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी।
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मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार की इस पहल का लक्ष्य शिमला के नैसर्गिक सौंदर्य को संरक्षित रखना है और आने वाली पीढ़ी के लिए हरा-भरा भविष्य सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर सतत विकास को अधिमान दिया जा रहा है। हिमाचल भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार अवैध निर्माण पर रोक लगाकर शिमला में नियोजित निर्माण को बढ़ावा दे रही है, जिससे शिमला का प्राकृतिक सौंदर्य बरकरार रहे और अधिक से अधिक संख्या में पर्यटक शिमला की ओर रुख करें। शिमला का हरित आवरण शिमला शहर सहित उत्तर भारत को प्राण वायु प्रदान करता है। हरे-भरे क्षेत्र तापमान को नियंत्रित करने का कार्य करते हैं। शिमला के हरित क्षेत्र में वृद्धि कर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और यहां भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी कार्य कर रही है, ताकि पर्यटक यात्रा का अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त कर सकें।
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वर्तमान और नए ग्रीन बेल्ट क्षेत्र
वर्तमान में ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बाईपास और कार्ट रोड, नाभा वन, फागली, लालपानी वन, बैम्लोई वन, हिमलैंड वन, खलीनी और छोटा शिमला वन क्षेत्र तथा कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्रीन बेल्ट के तहत नए क्षेत्रों में रिट्रीट, मशोबरा बंद, टुकदा आंदरी, शिव मंदिर आंदरी, ताल और गिरि, डीपीएफ खलीनी, बीसीएस मिस्ट चैंबर और परिमहल को शामिल किया गया है।