Shimla: सीएम सुक्खू ने चार बचाव वाहनों को दिखाई हरी झंडी, एसडीआरएफ का नया झंडा, लोगो और वर्दी लोकार्पित
सुक्खू ने कहा कि एक पहाड़ी राज्य होने के नाते हिमाचल एक आपदा-संभावित क्षेत्र है। हिमाचल प्रदेश एसडीआरएफ का नया झंडा, लोगो, वर्दी और वाहन राज्य आपदा मोचन बल की निष्ठा और समर्पण के साथ प्रदेश के लोगों की सेवा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा मोचन बल (एचपी एसडीआरएफ) का नया झंडा, निशान (लोगो) और वर्दी लोकार्पित की और 10 वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। सुक्खू ने कहा कि एक पहाड़ी राज्य होने के नाते हिमाचल एक आपदा-संभावित क्षेत्र है। हिमाचल प्रदेश एसडीआरएफ का नया झंडा, लोगो, वर्दी और वाहन राज्य आपदा मोचन बल की निष्ठा और समर्पण के साथ प्रदेश के लोगों की सेवा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह लांच राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमताओं में वृद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछले कुछ माह में इस बल ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बहुमूल्य जीवन और संपत्ति को बचाने में कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आपदाओं के दौरान विभिन्न बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नए लांच किए गए संसाधन एचपी एसडीआरएफ को प्रदेश के लोगों को प्रभावी ढंग से सेवा करने में सक्षम बनाएंगे। इस अवसर पर राज्य पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि एसडीआरएफ की स्थापना हाल ही में हुई है और पिछले कुछ महीनों में इस बल ने प्रदेश के नागरिकों की कुशलता से सेवा की है। इस बल की तीन कंपनियां शिमला, मंडी और कांगड़ा में स्थित हैं, जिनमें वर्तमान में 183 कर्मचारी कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला से जिला लाहौल-स्पिति के लिए बचाव कार्यों, कानून व्यवस्था बनाए रखने और शरद ऋतु में बर्फबारी व अन्य आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया के लिए चार फोर्स गुरखा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आईसीआईसीआई फाउंडेशन की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत यह वाहन प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वाहन शून्य से लेकर माइनस 30 डिग्री तापमान वाले क्षेत्रों में प्रभावी सिद्ध होंगे। इन वाहनों की इंजन क्षमता और ग्राउंड क्लीयरेंस बेहतर है, जो लाहौल-स्पीति की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए उपयुक्त है। जिले में बादल फटने तथा हिमस्खलन जैसी घटनाएं आम हैं। ऐसे में आम जनता की कठिनाइयों को कम करने एवं राहत व बचाव कार्यों में इन वाहनों से मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि यह कदम प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के लोगों के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनाओं को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने किया एचपी शिवा परियोजना की प्रचार सामग्री का अनावरण
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी, सिंचाई एवं मूल्यवर्द्धन (एचपी शिवा) परियोजना, 2023-28 की प्रचार सामग्री का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एचपी शिवा परियोजना के तहत प्रदेश के सात जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर तथा ऊना के 28 विकास खंडों में 162 सिंचाई योजनाओं के माध्यम से लगभग 6000 हेक्टेयर क्षेत्र को 400 बागवानी क्लस्टरों में विकसित किया जाएगा, जिससे लगभग 15,000 किसान-बागवान परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में लगभग 60 लाख फल पौधरोपण करने का लक्ष्य रखा गया है।
सुक्खू बोले, राज्य के नीति निर्माण और सुशासन में सहायक सिद्ध होगा डाटा पोर्टल
सभी सरकारी विभागों का डाटा एकीकृत करने के लिए हिम डाटा पोर्टल प्लेटफार्म के विकास के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में प्रदेश सरकार एवं इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के बीच एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। प्रदेश सरकार की ओर से सचिव सूचना प्रौद्योगिकी डॉ. अभिषेक जैन तथा इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की ओर से कार्यकारी निदेशक प्रो. अश्विनी छत्रे ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम डाटा पोर्टल के विकास के लिए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के साथ सहयोग करते हुए अनुसंधान और तकनीकी सहायता भागीदार के रूप में कार्य करेगा।
यह डाटा पोर्टल उच्च श्रेणी के विश्लेषणात्मक डाटा सेट और आइडेंटिटी-एक्सेस-मैनेजमेंट-कन्ट्रोल्ड डैशबोर्ड और रिपोर्ट इत्यादि के माध्यम से राज्य के नीति निर्माण और सुशासन में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल हिम पल्स के माध्यम से राज्य की लाभ वितरण प्रणाली को सुदृृढ़ करेगा और इससे हिम परिवार की क्षमता में भी वृद्धि होगी और लक्षित जनसंख्या को विभिन्न लाभ प्रदत्त करने के लिए उनकी डिजिटल पहचान को लिंक करने में यह सहायक होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते से राज्य की सामाजिक एवं आर्थिक समृद्धि में बढ़ोतरी करने में मदद मिलेगी। हिम डाटा पोर्टल विभिन्न विभागों के बहुमूल्य डाटा को विभिन्न डोमेन से एकत्र करेगा और इससे प्रशासन में दक्षता को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। इस पोर्टल से संबंधित एक वेबसाइट भी विकसित की जाएगी।