सीएम बोले, ‘फोटो सेशन’ से नहीं बनते जनता हितैषी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में यह आपदा के नाम पर ‘फोटो सेशन’ तथा मीडिया में अपने आप को जनता का सच्चा हितैषी बताने का समय नहीं है।
कुछ लोग मीडिया तथा जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए बेवजह शोर मचाने का प्रयास कर यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि वे ही सच्चे जन हितैषी हैं। बुरी तरह प्रभावित जिलों के उपायुक्त व्यक्तिगत तौर पर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों को वित्तीय सहायता तथा अन्य राहत सामग्री उपलब्ध करवा रहे हैं।
स्वार्थी तत्व मीडिया में असंगत वक्तव्य न दें। मुख्यमंत्री ने शिमला में कहा कि प्रथम दिवस से ही उन्हें प्रदेश में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान की जानकारी है और वे प्रदेश के लोगों को राहत पहुंचाने तथा स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती उपाय अपना रहे हैं।
वे उन प्रदेशवासियों की समस्याओं के निराकरण के लिए गंभीर और जवाबदेह हैं, जिन्हें बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ा है। दिन-रात जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। कुछ लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों तक कोई नहीं पहुंचा है। यह तथ्यहीन हैं।
प्रदेश की 187 सड़कें खोल दी गईं
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक सड़कों और पेयजल योजनाओं को बहाल कर दिया है। 31 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है तथा 633 मवेशियों के बहने के साथ-साथ आवासों को नुकसान पहुंचा है।
वर्तमान मानसून मौसम में बंद हुई 336 सड़कों में से 16 अगस्त तक 187 सड़कें खोल दी गई हैं तथा 132 के मंगलवार शाम तक खुलने की संभावना है।
अभी तक 1953 ग्रामीण जल योजनाओं को पूर्ण अथवा आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। इनमें से 1869 को बहाल कर दिया गया है। 14 शहरी जलापूर्ति योजनाएं भी बहाल की गई हैं।
22 अगस्त तक सभी सड़के होंगी बहाल
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 22 अगस्त तक सभी बंद सड़कों को खोलने और राष्ट्रीय उच्च मार्ग 88 पर कुनाह खड्ड पर क्षतिग्रस्त पुल को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए वैली ब्रिज सामग्री भेज दी गई है। जाहू में सीर खड्ड पुल और पराशर मार्ग पर बागी खड्ड पुल को भी प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाएगा।
मंगलवार को शिमला में राज्यस्तरीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस वर्ष अभी तक मानसून की बारिश सामान्य से कम हुई है, मगर पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश के कारण हिमाचल में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को व्यापक नुकसान हुआ है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य में अधिकतर सड़कों तथा पेयजल योजनाओं को नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेब सीजन के मद्देनजर राज्य के दूरदराज एवं जनजातीय क्षेत्रों में सड़कों को बहाल किया जाए।