सीएम जयराम ने वीरभद्र सिंह का उदाहरण देते हुए विधायकों से की ये अपील
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विधानसभा सत्र के आखिरी दिन सीएम जयराम ठाकुर ने सदन में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी विधायकों को सत्र की कार्यवाही में शामिल रहने की सलाह दी।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का उदाहरण देते हुए कहा, जिस तरह सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के बावजूद वीरभद्र सिंह सदन में मौजूद रहते हैं, उतनी तो उनकी खुद नहीं रहती। वीरभद्र सिंह जिस तरह जरूरी विषयों पर विचार रखते हैं, उससे सभी विधायकों को सीख लेने की जरूरत है।
उन्होंने सदन की कार्यवाही को सौहार्दपूर्ण तरीके से चलाने के लिए विस अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को बधाई दी। कहा कि वे भले ही पांच बार विधायक रहे हैं, लेकिन बतौर मुख्यमंत्री उनका पहला बजट सत्र था। हमेशा कहता हूं कि हिसाब में कच्चा हूं, लेकिन आज बजट भी पेश करना पड़ा।
23 विधायकों के लिए भी बजट प्रस्तुति एक नया अनुभव
उनकी तरह पहली बार सदन पहुंचे 23 विधायकों के लिए भी बजट प्रस्तुति एक नया अनुभव था। कहा कि जिस तरह नए सदस्यों ने बजट चर्चा में भाग लिया और विचार रखे, उससे एक बार भी नहीं लगा कि वे पहली बार कार्यवाही में भाग ले रहे हैं।
सीएम ने उन वरिष्ठ विधायकों का धन्यवाद किया, जिन्होंने सदन की कार्यवाही के दौरान नए विधायकों का मार्गदर्शन किया। विपक्ष के वाकआउट पर चुटकी ली, जब सदस्य बाहर जाते हैं तो अच्छा नहीं लगता।
चर्चा में जब तक कही बात को सुनने वाला न हो, तब तक मजा नहीं आता। इसके बाद उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रियों, सदस्यों का धन्यवाद किया। चुटकी लेते हुए विस उपाध्यक्ष हंसराज का भी धन्यवाद दिया।
कहा कि स्वभाव के अनुकूल न होने के बावजूद उन्होंने इस जिम्मेदारी को सहजता से निभाया है। माकपा विधायक राकेश सिंघा के लिए कहा कि वह भले ही अकेले हों, लेकिन कभी महसूस नहीं होने दिया कि वे अकेले हैं।
विधानसभा अध्यक्ष बाले, कमी को दूर करने का रहेगा प्रयास
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री की तरह वह भी अध्यक्ष की जिम्मेदारी पहली बार निभा रहे हैं। इसी वजह से कई बार कुछ गलतियां हो सकती हैं। ऐसा भी हुआ कि उनके स्वभाव से किसी सदस्य को दुख पहुंचा हो।
कहा कि कोशिश रहेगी कि अपने स्वभाव में बदलाव कर सदन की कार्यवाही को अच्छे तरीके से चला सकूं। उन्होंने मुख्यमंत्री, मंत्रियों, कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री, माकपा विधायक, विस सचिवालय व सरकार के अधिकारियों कर्मचारियों का धन्यवाद किया।
हम बाहर जाते हैं पर रूह आपमें रहती है : मुकेश
कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने पक्ष-विपक्ष को सदन के दो पहिये बताया। कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के न होने से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा का ज्यादा समय मिल गया।
मुख्यमंत्री की बात का जवाब देते हुए कहा कि हम भले ही बाहर चले जाते हैं, लेकिन हमारी रूह आप में ही बसती है। कहा कि लोग हमें चुनकर बड़ी उम्मीद से भेजते हैं।
इसीलिए विपक्ष ने मुद्दों पर आधारित चर्चा की और समय समय पर अपना विरोध दर्ज कराया। पांच साल बाद ऐसा हुआ है जब वेल खामोश रहा और मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा। वे आसन का सम्मान करते हैं और सम्मान बरकरार रखेंगे।
चिड़गांव से लापता हुई मृत मिली महिला की जांच जारी : सीएम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि चिड़गांव के गांव मिनी के बिहारी लाल पुत्र जैसी राम ने चिड़गांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 30 मार्च को वह अपनी पत्नी के साथ बगीचे में काम करने गए और शाम को वापस आ गए।
लेकिन रात करीब साढ़े दस बजे उसकी बेटी सरिता अपने कमरे में गई और उसकी दूसरी बेटी संगीता वहां नहीं थी। थोड़ी देरी के बात सरिता को संगीता का फोन आया कि पृथ्वी राज पुत्र केदार सिंह जो चिड़गांव तहसील के ही धनवारी गांव का निवासी है।
उसने उसका अपहरण कर लिया है। इसके बाद थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पता चला कि तीन अप्रैल को उसका शव बरामद किया गया। उसका पोस्टमार्टम आईजीएमसी में कर दिया गया है। फोरेसिंक साइंस लैब जुन्गा के विशेषज्ञों ने मौके का निरीक्षण कर लिया है और पृथ्वी राज को गिरफ्तार कर लिया है। इससे गहनता से पूछताछ की जा रही है।
बंदर मारिये, परेशान नहीं करेगा विभाग : गोविंद
प्रदेश में बंदर मारने वालों को सरकार और वन विभाग परेशान नहीं करेंगे। यह आश्वासन वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने किसानों-बागवानों की फसलों को पहुंचाए गए नुकसान के बारे में विधायक अनिरुद्ध सिंह की ओर से ठोस नीति बनाने को लेकर लाए प्रस्ताव के जवाब में कही।
वन मंत्री ने कहा कि सरकार बंदरों की समस्या से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। हाल में संगड़ाह और कुनिहार में बंदरों को मारने के तीन मामलों की जानकारी सामने आई है। इन तीनों ही मामलों में डीएफओ को प्रोत्साहन राशि देने को कहा गया है।
प्रदेश के आठ नसबंदी केंद्रों में अब तक एक लाख चालीस हजार बंदरों की नसबंदी की गई है जिसमें करीब 21.29 करोड़ खर्च हो चुके हैं। कहा कि इन केंद्रों की बदौलत साढे़ तीन लाख बंदर पैदा होने से रोके जा सके हैं।
युवकों को बंदरों को पकड़ने का मिलेगा प्रशिक्षण
कहा कि सरकार युवकों को बंदरों को पकड़ने का प्रशिक्षण देगी, ताकि पकड़े गए बंदरों की नसबंदी की जा सके। सरकार बंदर पकड़ने पर सात सौ के बजाय अब एक हजार रुपये दे रही है।
कहा कि इसके अलावा बंदरों की खाने की आदत बदलने के लिए नया पौधरोपण प्लान तैयार किया जा रहा है। साथ ही तारादेवी में एक हजार बंदर रखने की जगह अब टूटीकंडी में सौ बंदर रखने का एक स्थान बनाया जाएगा।
इससे पहले विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि सरकार उनके क्षेत्र में बने बंदर नसबंदी केंद्र को वहां से कहीं और ले जाए। वहीं, विधायक अनिरु द्ध सिंह ने मांग की कि सरकार बंदरों को विदेश में निर्यात करने के लिए एक ठोस नीति बनाए और इसके साथ ही बंदरों को मारने के लिए शिकारी किराए पर ले।